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सावन में कजरी की परंपरा आज भी गांवो में जीवन्त है

जौनपुर। रिमझिम सावन के फुहारो की बीच बागों में झूला झूलती महिलाओ की सुरीली आवाज से निकलती कजरी गीते पूरे वातावरण को खुशनुमा बना दिया करती थी। आज आधुनिकता के चकाचौध ने इस परम्परा को इतिहास के पन्नो पर पहुंचा दिया है ऐसे में जौनपुर के कुछ गांवो में आज भी यह परम्परा कायम है। सावन माह के पहले ही दिन से इन गांव में पेड़ पर झूला पड़ जाता है महिलाएं समूह में झूला झूलते हुए परम्परागत कजरी गीत गा रही है। ऐसा ही नजारा दिखा जलालपुर थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में। यहां पर महिलाएं ,बच्चे बच्चियां पेड़ पर पड़े झूला झूलते हुए कजरी गीत गा रही है। इस मनोहारी परम्परा को देखने वालो का ताता लग जाता है। सावन में रिमझिम फुहारों, बागों में झूला झूलती कजरी गाती गोरी अपने पिया के प्रति कभी आभार तो कभी संवेदना तो सभी विरह रस को अपने गीतों में अभिव्यक्त करने का अपना अलग महत्व है। इससे इतर गोरी-गोरी हथेलियों पर मेहंदी की लाली श्रृंगार रस को दर्शाता है। जबकि कजरी गीतों के माध्यम से परदेशी पिया की याद में विरह वेदना, सास, ननद की ताने, देवर-भाभी की मीठी मनुहार, काले-काले बादलों से पिया तक अपनी संवेदनाओं को पहुंचाने का

जाैनपुर में मंत्री-विधायक के फाेन कॉल पर ही नतमस्तक हाे गया प्रशासन

  प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ नाैकरशाहाें काे सुधारने का चाहे जितना प्रयास करें और सख्ती दिखा रहे हो लेकिन उनके सरकार के मंत्री एवं विधायक   उनकी मंशा के विपरीत काम करने कराने में सफल नजर आ रहे हैं  इसका ताजा उदाहरण जनपद जौनपुर के तहसील शाहगंज  क्षेत्र का  एक मामला है ।सरकार के मंत्री के  एक फाेन कॉल पर काेर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटवाने गया प्रशासन खुद काे पंगु समझने लगा आैर बैरंग वापस लाैट गया, इसकी चर्चा पूरे इलाके में हर जुबान पर हैं। यह है पूरा मामला यहाँ बतादे कि तहसील  शाहगंज स्थित  कोतवाली क्षेत्र के गोल्हागौर गांव में ग्राम समाज की जमीन जो चारागाह खाते के खाते में दर्ज है उस पर एक दबंग का विद्यालय बना है। इसे लेकर न्याय पालिका में  रिट दाखिल की गई थी। कोर्ट ने ग्रामसभा बनाम आशा देवी के इस मामले में आदेश पारित किया अतिक्रमण हटाया जाए , जिसके अनुपालन में बीते शनिवार को सुबह उपजिलाधिकारी शाहगंज राजेश कुमार वर्मा, डीएसटीओ आदि जेसीबी लेकर पहुंचे आैर निर्माणाधीन विद्यालय की चहारदीवारी गिरवाने लगे। इतने में विद्यालय संचालक ने सपा विधायक  एसडीएम काे फाेन कर

यूपी: सरकार की बदनामी कराने वाले पुलिस अफसर हटेंगे, गृह विभाग जुटा रहा अफसरों का कच्चा चिट्ठा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख को देखते हुए पुलिस महकमे में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। गृह विभाग ऐसे अफसरों का कच्चा चिट्ठा जुटा रहा है जिनसे पुलिस महकमे और सरकार की बदनामी हो रही है। माना जा रहा है कि सीएम के रूस से लौटने और त्योहारों के बाद कई पुलिस कप्तान व मुख्यालय पर तैनात कुछ पुलिस अफसरों को बदला जा सकता है। सूत्रों की मानें तो सीएम तक कई पुलिस अफसरों की सीधी शिकायत पहुंची थी। रूस रवाना होने से पहले सीएम ने शनिवार को ऐसे अफसरों को चिह्नित कर जमकर फटकार लगाई और कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कुछ जिलों के कप्तानों से तो वे बेहद खफा नजर आए। अपर मुख्य सचिव भी हुए सक्रिय गृह विभाग में अपर मुख्य सचिव का पदभार संभालने के बाद अवनीश अवस्थी 10 दिन में अयोध्या और नोएडा में थानों का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने थानाध्यक्षों की कार्यशैली में सुधार की जरूरत बताई है। 11 अगस्त को नोएडा के सेक्टर 20 के थाने में तो वे रात 2 बजे पहुंचे और दर्ज अपराधों की जानकारी ली।