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मोदी और योगी सरकार गांधी जी सपनो को पूरा कर रही है- गिरीश यादव

जौनपुर महात्मा गांधी जी के 150वी जयन्ती के शुभअवसर पर भाजपा द्वारा आयोजित सदर विधान सभा का संकल्प पद यात्रा आज घनघनुवा ग्राम में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगो को स्वास्थ्य लाभ दिलाया गया फिर बृहद वृक्षारोपण कर यात्रा का शुभारंभ गिरीश चंद्र यादव राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में सैकड़ो नागरिक व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ निकला जो ककोरगहना,कुत्तूपुर, शकरमंडी,रसूलाबाद, भंडारी,होते हुए साहू धर्मशाला में पहुंचने पर वहाँ पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूर्ति पर माल्यापर्ण किया फिर संकल्प यात्रा जुलूस सूतहट्टी चौराहा,सब्जीमंडी,कोतवाली,चहारसु चौराहा, होते हुए ओलन्दगंज, कलेक्ट्रेट विकास भवन के सामने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया फिर यात्रा अम्बेडकर चौराहा, खरका कालोनी महात्मा गाँधी जी प्रतिमा पहुंच कर राज्यमंत्री व भाजपा नेताओं ने पुपसंजली अर्पित कर माल्यार्पण किया फिर एक विशाल गोष्ठी का आयोजन हुआ मुख्य अतिथि गिरीश चंद्र यादव ने संबोधित करते हुए कहा है राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के आदर्शों को भुलाया नहीं जा सकता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पूरी दुनिया आदर व सम्मान के साथ

महाराष्ट्र में कोई दुष्यंत नहीं जिसके पिता जेल में है- संजय राऊत

मुंबई :-  महाराष्ट्र में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने बेशक साथ मिलकर चुनाव लड़ा लेकिन चुनाव के बाद उसने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। वह राज्य में सत्ता के आधे बंटवारे के साथ ही ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग कर रही है। जिसे लेकर उसके और भाजपा के बीच खींचतान जारी है। सोमवार को दोनों पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल से अलग-अलग मुलाकात की। अब शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत का कहना है कि महाराष्ट्र में किसी दुष्यंत के पिता जेल में  हैं। संजय राउत से जब पूछा गया कि भाजपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन होने के बावजूद सरकार बनाने में देरी क्यों हो रही है तो उन्होंने कहा, 'यहां कोई दुष्यंत नहीं है जिसके पिता जेल में हों। हम धर्म और सत्य की राजनीति करते हैं। शरद पवार जी ने भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया। वह कभी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे।' राजनीति में कोई भी साधु-संत नहीं होता : शिवसेना इससे पहले सोमवार को शिवसेना ने कहा कि राजनीति में कोई भी साधु-संत नहीं होता है। इस बयान से उसने संकेत दिया है कि यदि भाजपा उसकी मांगों को नहीं मानती है तो वह कांग्रेस

पुलवामा जैसा आतंकी हमला द्रबगाम इलाके में

नयी दिल्ली । केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा, आर्टिकल 370 को हटाये लगभग दो महिने का वक्त हो गया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की चाहत कम नहीं हो रही है, प्रतिदिन सीमापार से नई नई चाल चली जा रही है। सीमा पार के आतंकियों ने एक बार फिर पुलवामा की घटना को दोहराने की कोशिश की है। इसी बीच बड़ी खबर आ रीह है कि जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के द्रबगाम इलाके में आतंकियों ने सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला कर दिया। इस हमले में किसी के घायल होने कि अभी सूचना नहीं है। वहीं सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकियों पर फायरिंग की। इस घटना के बाद से पूरे इलाके कि घेरबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि मंगलवार दोपहर आतंकियों ने पुलवामा के द्रबगाम में आतंकियों ने सेना कि पेट्रोलिंग पार्टी पर फायरिंग की है। जिसके बाद आतंकी वहां से भाग गए। घटना कि सूचना के बाद इलाके को पूरी तरह से घेरकर तलाशी अभियान आतंकियों के खिलाफ चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा, आर्टिकल 370 क

पट खुलने के पहले ही हो जाती है माँ की पूजा

मैहर तहसील के पास त्रिकूट पर्वत पर स्थित माता के इस मंदिर को मैहर देवी का शक्तिपीठ कहा जाता है मंदिर बंद करके सभी पुजारी नीचे आ जाते हैं तब यहां मंदिर के अंदर से घंटी और पूजा करने की आवाज आती है स तना।  मध्यप्रदेश के सतना जिले में मैहर तहसील के पास त्रिकूट पर्वत पर स्थित माता के इस मंदिर को मैहर देवी का शक्तिपीठ कहा जाता है। मैहर का मतलब है मां का हार। माना जाता है कि यहां मां सती का हार गिरा था इसीलिए इसकी गणना शक्तिपीठों में की जाती है। करीब 1,063 सीढ़ियां चढ़ने के बाद माता के दर्शन होते हैं। पूरे भारत में सतना का मैहर मंदिर माता शारदा का अकेला मंदिर है। मान्यता है कि शाम की आरती होने के बाद जब मंदिर के कपाट बंद करके सभी पुजारी नीचे आ जाते हैं तब यहां मंदिर के अंदर से घंटी और पूजा करने की आवाज आती है। कहते हैं कि मां के भक्त आल्हा अभी भी पूजा करने आते हैं। अक्सर सुबह की आरती वे ही करते हैं। मैहर मंदिर के महंत बताते हैं कि अभी भी मां का पहला श्रृंगार आल्हा ही करते हैं और जब ब्रह्म मुहूर्त में शारदा मंदिर के पट खोले जाते हैं तो पूजा की हुई मिलती है। कौन थे आल्हा? आल्हा और ऊ