जाैनपुर में मंत्री-विधायक के फाेन कॉल पर ही नतमस्तक हाे गया प्रशासन



  प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ नाैकरशाहाें काे सुधारने का चाहे जितना प्रयास करें और सख्ती दिखा रहे हो लेकिन उनके सरकार के मंत्री एवं विधायक   उनकी मंशा के विपरीत काम करने कराने में सफल नजर आ रहे हैं  इसका ताजा उदाहरण जनपद जौनपुर के तहसील शाहगंज  क्षेत्र का  एक मामला है ।सरकार के मंत्री के  एक फाेन कॉल पर काेर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटवाने गया प्रशासन खुद काे पंगु समझने लगा आैर बैरंग वापस लाैट गया, इसकी चर्चा पूरे इलाके में हर जुबान पर हैं।

यह है पूरा मामला

यहाँ बतादे कि तहसील  शाहगंज स्थित  कोतवाली क्षेत्र के गोल्हागौर गांव में ग्राम समाज की जमीन जो चारागाह खाते के खाते में दर्ज है उस पर एक दबंग का विद्यालय बना है। इसे लेकर न्याय पालिका में  रिट दाखिल की गई थी। कोर्ट ने ग्रामसभा बनाम आशा देवी के इस मामले में आदेश पारित किया अतिक्रमण हटाया जाए , जिसके अनुपालन में बीते शनिवार को सुबह उपजिलाधिकारी शाहगंज राजेश कुमार वर्मा, डीएसटीओ आदि जेसीबी लेकर पहुंचे आैर निर्माणाधीन विद्यालय की चहारदीवारी गिरवाने लगे। इतने में विद्यालय संचालक ने सपा विधायक  एसडीएम काे फाेन कर अतिक्रमण न हटाने का हुक्म सुना दिया । अतिक्रमण कर्ता  इतने पर भी चुप  नहीं रहा सत्ता धारी दल के मंत्री की शरण में पहुंच गया  कुछ ही देर में सत्ताधारी दल के  मंत्री का फाेन काल आ गया, इसके बाद एसडीएम खुद काे असहाय समझने लगे आैर अपनी टीम काे लेकर तत्काल वापस हाे गए।इस आशय का आरोप लगाते हुए मुकदमे के वादी मनोज चौहान का कहना है कि  म 2002 से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो उच्च न्यायालय की शरण में गया था। जिसके बाद भी इसके बाद कार्यवाही शुरू हुई लेकिन  दबाव के कारण अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है ।

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