टीईटी अनिवार्यता पर भड़के शिक्षक, जयंत चौधरी का पुतला फूंका
आरटीई लागू होने से पूर्व कार्यरत शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करे सरकार: अरविंद शुक्ला जौनपुर। टीईटी अनिवार्यता को लेकर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के संसद में दिए गए बयान के विरोध में जनपद के शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बुधवार को बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए मंत्री का पुतला फूंका। शिक्षकों का कहना है कि संसद द्वारा 1993 में पारित एनसीटीई अधिनियम के तहत देशभर में भर्ती और कार्यरत लगभग 20 लाख शिक्षकों की सेवा पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद संकट गहरा गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बीते छह माह से केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है, जिससे शिक्षकों में असमंजस और रोष व्याप्त है। विरोध सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीटीई के वर्ष 2017 के संशोधन ने शिक्षकों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया ह...