पूर्वांचल में बढ़ा डेंगू का प्रकोप, स्वास्थ्य विभाग में मचा हडकंप पांच मरे,व्यवस्था पर उठे सवाल



पूर्वांचल में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। हर दिन नए मरीज मिलते जा रहे हैं। वाराणसी शहर में तो पांच मोहल्ले डेंजर जोन में आ गए हैं। इसमें लंका, सामनेघाट, सुसुवाही, छित्तूपुर और भगवानपुर शामिल हैं। पिछले पांच दिनों में इन मोहल्लों में 10 से ज्यादा घरों में डेंगू के लार्वा मिले हैं। इसके अलावा करीब दस डेंगू के मरीज भी मिल चुके हैं। शुक्रवार को नए इलाकों में डेंगू के दस मरीज मिले हैं। मरीजों की कुल संख्या 95 तक पहुंच गई है। मौसमी बीमारियों के साथ ही डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों की ओपीडी, पैथलॉजी में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। हालत यह है कि मंडलीय अस्पताल के डेंगू वार्ड भी मरीजों से भरे पड़े हैं।सरकारी तौर पर घरों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जनपद वाराणसी की स्थिति यह है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विगत बृहस्पतिवार को 112 घरों में एंटी लार्वा अभियान चलाया था। इसमें तीन घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस दिया गया।  मंडलीय अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर में बना डेंगू वार्ड भी मरीजों से भरा है। 

पूर्वांचल में अब तक पांच की मौत

पूर्वांचल की तीन मंडलों क्रमशः वाराणसी, आजमगढ़ और विंध्य मंडल में डेंगू का कहर जारी है। अब तक 105 मरीज मिल चुके हैं। पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। इसमें वाराणसी में 85 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है जबकि 760 संदिग्ध हैं। बलिया में सात मरीज, चंदौली में छह, गाजीपुर में तीन, जौनपुर में दो और मिर्जापुर में डेंगू का एक मरीज मिला है। इसके अलावा वाराणसी में तीन, आजमगढ़ और जौनपुर में एक-एक मरीज की मौत हो चुकी है। भदोही, मऊ में कोई मरीज नहीं मिला है। पूर्वांचल के  सभी जिलों के जिलों और मंडलीय अस्पतालों में अलग से 10 से 16 बेड तक के डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। 
अब शासन पल्स पोलियो की तर्ज पर कोविड संवेदीकरण और संचारी रोग नियंत्रण विशेष अभियान चलाया जाने की बात कर रहा है। सात से सोलह सितंबर तक चलने वाले अभियान में घर-घर सर्वे कराकर कोरोना के लक्षणयुक्त मरीजों के साथ ही डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के मरीज खोजे जाएंगे। इसके अलावा नियमित टीकाकरण के दौरान छूटे दो वर्ष तक के बच्चों और कोरोना टीकाकरण से छूटे 45 साल से अधिक उम्र वालों की अलग से सूची बनाई जाएगी। 
कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देख शासन ने तैयारी तेज कर दी है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोरोना लक्षणयुक्त वाले मरीजों के साथ ही टीकाकरण से वंचित लोगों को खोजकर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए भी आशा, आंगनबाड़ी टीम तैयार है। इसके अलावा अभियान में स्वयं सेवी संस्थाओं, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास, आईसीडीएस विभाग, नगर निकाय, वन विभाग, कृषि विभाग, एनसीसी, एनएसएस, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ का भी सहयोग लिया जाएगा।

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