बीएचयू के प्रोफेसर आरके मिश्र ने कहा, स्मार्ट ग्रिड के जरिये बचाएं विद्युत ऊर्जा



अशोका इंस्टीट्यूट के एकल व्याख्यान में विद्युत उपभोक्ताओं से अपील, सौर्य और पवन ऊर्जा का इस्तेमाल कर उपभोक्ता निभा सकते हैं विद्युत उत्पादक की भूमिका

वाराणसी। इंजीनियरिंग और प्रबंधन की शिक्षा देने वाले पूर्वांचल के अग्रणीय संस्थान अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट (Ashoka Institute Of Technology And Management) की ओर से आयोजित पांच दिवसीय व्याख्यान के पहले दिन बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित आईआईटी के इलेक्ट्रिक विभाग के सीनियर प्रोफेसर आरके मिश्र ने कहा कि सौर्य ऊर्जा और पवन ऊर्जा का इस्तेमाल करके उपभोक्ता विद्युत उत्पादक की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट ग्रिड सिस्टम से विद्युत उत्पादन के ऊपर पड़ने वाले अतिरिक्त भार को कम किया जा सकता है।
देश भर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो.मिश्र कहा कि स्मार्ट ग्रिड सिस्टम विद्युत आपूर्ति की निगरानी और प्रबंधन करने की प्रौद्योगिकी है। यह सिस्टम से बिजली की लागत और पर्यावरणीय प्रभाव, सिस्टम की विश्वसनीयता, लचीलापन और स्थिरता को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। स्मार्ट ग्रिड अवधारणाओं को कमोडिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर की एक सीमा तक लागू किया जा सकता है, जिसमें पानी, गैस, बिजली और हाइड्रोजन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट ग्रिड प्रौद्योगिकियां न केवल चुनौतियों का सामना करने के लिए, बल्कि एक स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति विकसित करने के तरीके भी प्रदान करती हैं जो अधिक विश्वनीय, सस्ती और टिकाऊ होती हैं।
बीएचयू आईआईटी के प्रोफेसर मिश्र ने स्मार्ट एनर्जी मीटर की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि सौर्य ऊर्जा और पवन ऊर्जा का प्रयोग करके उपभोक्ता बिजली के अपने खर्च को कम कर सकते हैं।
पांच दिवसीय सेमिनार का उद्घाटन अशोका इंस्टीट्यूट के चेयरमैन इंजीनियर अंकित मौर्य ने किया। इस अवसर पर संस्थान की निदेशक डा.सारिका श्रीवास्तव, फार्मेसी विभाग के निदेशक डा.बृजेश सिंह, अशोका स्कूल
आफ बिजनेस के निदेशक प्रो.सीपी मल्ल, वरिष्ठ प्रोफेसर एसके शर्मा के अलावा विभागाध्यक्ष सोमेंद्र बनर्जी, एसएन सिंह, मनु सिंह, संदीप सिंह, अविनास प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा,  आनंद वर्धन, सज्जद अली आदि ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम से पहले अशोका इंस्टीट्यूट की निदेशक डा.सारिका श्रीवास्तव ने प्रोफेसर और शिक्षकों का स्वागत और आभार व्यक्त किया।

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