शिक्षा विभाग में बढ़ते फर्जीवाड़े के चलते अब प्रदेश के सभी शिक्षक जांच की जद में, शासनदेश हुआ जारी



जौनपुर।  बेसिक शिक्षा विभाग में व्यस्त फर्जीवाड़े को  दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार ने प्राइमरी से लगायत उच्च शिक्षा तक के शिक्षको के शैक्षिक योग्यता एवं प्रमाण पत्रों की जांच कराने का निर्माण लिया है ताकि शिक्षा विभाग में व्याप्त फर्जीवाड़े पर रोक लगायी जा सके। इस आशय का पत्र सरकार की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने पत्रांक सं. 5/20 - 437 से  आदेश जारी कर प्रदेश के सभी जिलाधिकारीयों एवं राज्य विश्वविद्यालयों को भेजते हुए 31 जुलाई  20 तक जांच रिपोर्ट की अपेक्षा किया है। 
अपर मुख्य सचिव ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जांच के विन्दुओं में ध्यान देना है कि शिक्षण कार्य वही शिक्षक कर रहा है जिसका चयन किया गया है। शिक्षीण के चयन में चयन प्रक्रिया का सही अनुपालन हुआ है अथवा नहीं जैसे विज्ञापन किया गया था, आवेदन आदि लिए जाने का माध्यम क्या रहा है। वेतन वितरण कोषागार से किया जा रहा है अथवा नहीं। शिक्षकों के सभी प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाना है। 
इस तरह शैक्षणिक अभिलेखों के सत्यापन एवं भौतिक सत्यापन के लिये जिलाधिकारी की देख रेख में जांच समिति गठित की जायेगी जिसमें अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व  अध्यक्ष,  अपर पुलिस अधीक्षक एवं  क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी को सदस्य नामित किया जायेगा।  इसी तरह विश्वविद्यालयों के शिक्षको की जांच हेतु बनने वाली समिति में  अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी तथा अनुदानित महाविद्यालय के बरिष्ट प्रवक्ता  को सदस्य बनाया जायेगा। एडेड महाविद्यालयों के शिक्षको की जांच के लिए भी बनने वाली समिति में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को अध्यक्ष तथा बड़े महाविद्यालय के प्राचार्य एवं बरिष्ट प्रवक्ता को सदस्य नामित किया जायेगा। यही समिति सभी शिक्षकों की जांच करके अपनी रिपोर्ट सीधे शासन को प्रेषित करेंगी। 
अपर मुख्य सचिव का पत्र जिला प्रशासन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के पास मिलने के पश्चात शिक्षकों के सभी प्रमाण पत्रों एवं भौतिक सत्यापन के जांच की तैयारी शुरू हो गयी है। शासन से आये इस आदेश की भनक लगने पर  गलत तरीकों से शिक्षक बनने वालों में खलबली मची हुई है। हलांकि की शिक्षक समाज के लोग अभी से दबी जुबान से सरकार द्वारा इसे शिक्षकों के उत्पीड़न की बात कही जा रही है।

Comments

  1. देर आए दुरुस्त आए,,शासन प्रशासन की नींद तब खुलती है -जब घपले घोटालें सुर्खियों में आ जाती हैं।

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  2. शिक्षा जगत से जुड़े अधिकांश खबरें,निर्भिक पञकारिता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं।--Dr A Shukla.

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