विधानसभा चुनाव को देख अब किसानो को पटाने में जुटी भाजपा,जानें क्या है पार्टी की योजना


विधानसभा चुनाव नजदीक देख भारतीय जनता पार्टी  को अब किसानों के नाराज होने का डर सताने लगा है। यही वजह है कि अब डैमेज कंट्रोल के लिए सरकार और संगठन ने खास रणनीति तैयार की है। बीजेपी का संगठन जहां किसान चौपाल लगाकर किसानों से संवाद कर सरकार की योजनाओं की जानकारी उन्हें देगा तो वहीं योगी सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है की बाढ़ और बारिश से जो फसल बर्बाद हुई है उसकी रिपोर्ट तैयार कर एक सप्ताह में किसानों जल्द मुआवजा दिलाने का काम करें। 
56 हजार ग्राम पंचायतों में लगेगी किसान चौपाल सरकार और संगठन के बीच हुई बैठक में फैसला लिया गया है कि 56 हजार ग्राम पंचायतों में किसान चौपाल का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विधायक, सांसद और मंत्री शिरकत कर सरकार द्वारा उनके लिए किए गए कार्यो की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह बारिश से जिन किसानों की फसल बर्बाद  हुई है उसका आकलन करें और उन्हें 1 सप्ताह के भीतर मुहावरा उपलब्ध कराएं इसके लिए उन्होंने कोई भी कोताही न बरतने के निर्देश दिए हैं। 
किसानों को रिझाने में जुटा विपक्ष तीनों कृषि कानून के खिलाफ एक साल से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन में लखीमपुर हिंसा के बाद एक बार फिर से जान आ गई है। यही वजह है कि विपक्ष अब किसानों को अपने पाले में करने की हर कोशिश कर रहा है। प्रियंका गांधी जहां लखीमपुर हिंसा को लेकर किसानों के साथ लगातार संवेदना जाता रही हैं और बीजेपी पर हमलावर हैं। वहीं अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी किसानों का मुद्दा उठाकर उनका वोट हासिल करने का प्रयास कर रही है। लखीमपुर खीरी कांड के बाद विपक्ष जिस तरह से किसानों के भीतर अपनी पैठ जमाने में लगा हुआ है उसको काउंटर करने के लिए सरकार ने यह तैयारी की है। 
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वंत्रत देव सिंह  ने कहा है 'सभी प्रकार की कृषि उपज के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। राजस्व और कृषि विभागों को एक दूसरे के समन्वय से काम को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा गया है। उत्तर प्रदेश भाजपा ने भी 15 से 30 अक्टूबर के बीच सभी 56,000 ग्राम पंचायतों में 'किसान चौपाल' आयोजित करने का निर्णय लिया है'। 
दस्तक अभियान' को सफल बनाएंगे 56 हजार ग्राम पंचायतों में किसान चौपाल को लेकर बीजेपी किसान मोर्चा के अध्यक्ष कामेश्वर सिंह का कहना है कि चौपालों में पार्टी के बड़े नेता शामिल होंगे। सांसद, विधायक और मंत्री को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह ग्राम पंचायतों में इन चौपालों में जाकर किसानों से संवाद करेंगे । सरकार के द्वारा उनके लिए किए गए कार्यों की पूरी जानकारी उन्हें उपलब्ध कराएंगे। किसान मोर्चा 15 अक्टूबर को सभी 98 संगठनात्मक जिलों में किसान चौपालों का आयोजन करेगा। इसके बाद राज्य की 403 विधानसभाओं में और 5 से छह बूथों वाले 27,000 'शक्ति केंद्रों' में यह अभ्यास किया जाएगा। लखीमपुर हिंसा ने बढ़ाई चिंता  गौरतलब है कि किसानों के आंदोलन से पश्चिमी यूपी में बीजेपी पहले से ही बैकफुट पर दिखाई दे रही थी । उसमें आग में घी डालने का काम लखीमपुर इंसान ने कर दिया है । लखीमपुर हिंसा के बाद किसान पूरी तरह से एकजुट दिखाई दे रहे हैं । खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में इसका काफी असर दिखाई दे रहा है। एक-दो दिन पहले ही सहारनपुर में अखिलेश यादव ने कहा था कि इस बार पश्चिमी यूपी का किसान बीजेपी को सबक सिखाएगा जाहिर है जिस तरह से सपा, कांग्रेस और आरएलडी सहित तमाम दल बीजेपी को घेरने में लगे हैं । उसका अंदाज पार्टी के रणनीतिकारों को हो गया है। यही वजह है कि अब बीजेपी भी बढ़-चढ़कर किसानों को मनाने के लिए यह चौपाल आयोजित करने जा रही है।

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