सातवें चरण के मतदान हेतु बस एक रात शेष, सात मंत्रियों के भाग्य का फैसला करने जा रहे है मतदाता


सातवें चरण के अंतिम दौर में सात मार्च को यूपी सरकार के सात मंत्रियों का भी मतदाता भाग्‍य तय करेंगे। रविवार की रात ही यूपी विधानसभा के लिए अंतिम और निर्णायक साबित होने वाली है। इस लिहाज से रामायण धारावाहिक की पंक्तियां 'बस एक रात की अब कहानी है सारी, यही रात अंतिम यही रात भारी' उम्‍मीदवारों के लिहाज से सटीक बैठ रही हैं। शनिवार की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थमने के बाद भी गुपचुप ही सही लेकिन उम्‍मीदवार और उनके समर्थक घर घर दस्‍तक देकर पर्चियां पहुंचाने के ही सहारे लेकिन मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं। 
सातवें और अंतिम चरण में पूर्वांचल के नौ जिलों की 54 विधान सभा सीटों के लिए शनिवार शाम को ही चुनाव प्रचार थम चुका है। नक्सल प्रभावित रहे चंदौली और सोनभद्र जिले की तीन विधान सभा सीटों चकिया, राबट्सगंज व दुद्धी में मतदान सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक होगा इसलिए यहां का चुनाव प्रचार 48 घंटे पहले शनिवार शाम चार बजे व शेष आठ जिलों की 51 सीटों पर प्रचार शाम छह बजे थम चुका है।
प्रचार के अंतिम दिन ही भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा के दिग्गज नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी । सात मार्च को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा। इसमें लगभग 2.06 करोड़ मतदाता 613 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें 1.10 करोड़ पुरुष व करीब 0.96 लाख महिलाएं शामिल हैं। जबकि थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या भी 1017 है।
अंतिम चरण में तीन मंडलों (आजमगढ़, वाराणसी व विंध्याचल) के नौ जिलों आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मीरजापुर, भदोही व सोनभद्र में मतदान होना है। इन 54 सीटों में वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा 29, सपा 11, बसपा छह, अपना दल चार, सुभासपा तीन व निषाद पार्टी एक सीट पर जीती थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि सातवें चरण के चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी हो गईं हैं। इस चरण में शामिल जिलों के अफसरों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस चरण का मतदान सात मार्च की सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। चंदौली जिले की चकिया व सोनभद्र की राबट्र्सगंज व दुद्धी में सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक वोट पड़ेंगे। प्रत्येक पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की सुविधा और कोरोना से सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए प्रत्येक पोलिंग बूथ पर समुचित एवं आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सात मंत्रियों और दिग्‍गजों का ईवीएम में कैद होगा भाग्‍य : योगी सरकार के सात मंत्रियों का भाग्‍य भी सातवें चरण में दांव पर है। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर वाराणसी की शिवपुर से फिर किस्मत आजमा रहे हैं। स्टांप एवं निबंधन मंत्री रवींद्र जायसवाल वाराणसी उत्तर, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी वाराणसी दक्षिण, आवास एवं शहरी नियोजन मंत्री गिरीश चन्द यादव जौनपुर, ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल मीरजापुर की मड़िहान, सहकारिता राज्यमंत्री संगीता बलवंत, व सोनभद्र के ओबरा से संजीव गोंड हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे दारा सिंह चौहान भाजपा छोड़कर सपा का दामन थाम चुके हैं। वे इस बार मऊ की घोसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा नौवीं बार विधान सभा पहुंचने की तैयारी कर रहे दुर्गा प्रसाद यादव आजमगढ़ सीट से सपा प्रत्याशी हैं। पांचवीं बार विधायक बनने के लिए आलमबदी सपा के टिकट से आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। जौनपुर की शाहगंज सीट से शैलेंद्र यादव ललई और भदोही की ज्ञानपुर से प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के उम्मीदवार विजय मिश्रा मैदान में हैं। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर गाजीपुर की जहूराबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व सांसद तूफानी सरोज सपा उम्मीदवार के रूप में केराकत सीट से मैदान में हैं। पूर्व सांसद धनंजय सिंह जौनपुर की मल्हनी सीट से जदयू के उम्मीदवार हैं तो विधायक मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अपने पिता की मऊ सीट पर किस्मत आजमा रहे हैं।

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