एसटीएफ के हत्थे चढ़े टीजीटी परीक्षा साल्वर गिरोह के तीन सदस्य ,तार जुड़े है जौनपुर से, पास कराने को लाखों का सौदा

ऐसा कोई बड़ा संगीन अपराध नहीं है जिसमें जौनपुर का नाम शामिल न रहे। लगभग हर अपराधिक घटनाओ में जौनपुर का नाम आ ही जाता है इसके कई उदाहरण है। ताजा मामला है कि एसटीएफ की टीम ने एक बड़े शातिर परीक्षा साल्वर गिरोह को पकड़ा तो उसका भी ता जौनपुर से जुड़ गया है। 
यहां बता दे एसटीएफ ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी-जीव विज्ञान) की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सरगना, सॉल्वर सहित तीन आरोपियों को वाराणसी में गिरफ्तार किया। कोतवाली क्षेत्र के श्रीबल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज स्थित सेंटर से गिरफ्तार सॉल्वर के कब्जे से प्रवेश पत्र, बुकलेट, ओएमआर शीट, आधार कार्ड बरामद हुआ। एसटीएफ वाराणसी इकाई के अनुसार अभ्यर्थी की जगह पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने वाले गिरोह के सरगना सहित तीनों के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
एसटीएफ प्रयागराज इकाई के डिप्टी एसपी नवेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में एसटीएफ के उप निरीक्षक अनिल कुमार सिंह की टीम को सूचना मिली कि वाराणसी में आयोजित प्रशिक्षित स्नातक जीव विज्ञान शिक्षक (टीजीटी-2016) में साल्वर गैंग कैंट रेलवे स्टेशन पर मौजूद है।
इसी पर टीम ने स्थानीय एसटीएफ के सहयोग से गिरोह के सरगना अशोक कुमार पाल निवासी पिलकथुआ थाना बरसठी जौनपुर और अभ्यर्थी सुनील कुमार निवासी हमजापुर थाना सराय ख्वाजा जौनपुर को सुबह गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि एक ही जिले के होने के नाते अशोक पाल और सुनील पूर्व परिचित हैं। सुनील पाल ने टीजीटी 2016 स्नातक जीव विज्ञान परीक्षा फार्म भरा था। सुनील पाल की परीक्षा पास कराने के लिए गिरोह के सरगना अशोक ने अपने साथी डॉ. बृजेश पाल से बात करके सुनील कुमार पाल से 12 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
एडवांस में 40 हजार रुपये ले लिया गया था। सुनील पाल व डॉ. बृजेश पाल शुक्रवार को ही कैंट स्टेशन स्थित एक होटल में ठहरे थे। इस दौरान जौनपुर के एक और अभ्यर्थी आशीष कुमार पाल से 12 लाख रुपये में डॉ. बृजेश पाल से परीक्षा पास कराने पर बात पक्की हुई थी और आशीष ने भी एडवांस में 40 हजार रुपये  बृजेश पाल के खाते में डाल दिया था। अभ्यर्थी आशीष कुमार पाल की बात डॉ. बृजेश पाल से हुई थी, वह बृजेश पाल के साथ था। एसटीएफ के अनुसार डॉ. बृजेश पाल सेंटर से भाग निकला है।
एसटीएफ वाराणसी इकाई की पूछताछ में गिरोह के सरगना अशोक कुमार पाल ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के जरिए पास कराने का ठेका 12 से 15 लाख में लिया जाता है। खुद गिरोह का सरगना प्रयागराज में कई नवयुवकों को कोचिंग देता है। गिरफ्तार अशोक के अनुसार गिरोह में मेरे साथी जौनपुर के रामपुर थाना अंतर्गत गंधौना निवासी डॉ. बृजेश पाल और जौनपुर के बरसठी थाना का मानिकपुर गांव निवासी संदीप विश्वकर्मा है।
इसमें हमारा सॉल्वर भी होता हैं, पेपर आउट कराने वाला भी होता है और फोटो मिक्सिंग कर फर्जी आधार कार्ड, फर्जी एडमिट कार्ड व अन्य आईडी तैयार करने वाला भी है। अभ्यर्थियों व सॉल्वर के फोटो मिक्सिंग करने का काम जौनपुर के मछलीशहर के तरसांव गांव निवासी रमेश करता है। इस कार्य में सभी का हिस्सा बंटा रहता है। एसटीएफ की पूछताछ में सरगना अशोक ने बताया कि डॉ. बृजेश पाल प्रयागराज में पतंजलि क्लीनिक सेंटर में चिकित्सक है।
एसटीएफ की गिरफ्तार में आए सॉल्वर रविन्द्र चौरसिया ने पूछताछ में बताया कि परीक्षा देने के एवज में 15 हजार रुपये मिलने वाले थे। कानपुर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। शुक्रवार सुबह में डॉ. बृजेश पाल ने फोन पर कहा कि कानपुर से बनारस चले आओ। कानपुर से शनिवार सुबह छह बजे कैंट रोडवेज पहुंचा और यहां से डॉ. बृजेश पाल के साथ ऑटो में सवार होकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचा। बृजेश पाल ने ही एडमिट कार्ड और आधार कार्ड उपलब्ध कराया। 
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी-जीव विज्ञान) की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सरगना, सॉल्वर सहित तीन आरोपियों को एसटीएफ ने वाराणसी में गिरफ्तार किया। कोतवाली क्षेत्र के श्रीबल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज स्थित सेंटर से गिरफ्तार सॉल्वर के कब्जे से प्रवेश पत्र, बुकलेट, ओएमआर शीट, आधार कार्ड बरामद हुआ। एसटीएफ वाराणसी इकाई के अनुसार अभ्यर्थी की जगह पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने वाले गिरोह के सरगना सहित तीनों के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
एसटीएफ प्रयागराज इकाई के डिप्टी एसपी नवेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में एसटीएफ के उप निरीक्षक अनिल कुमार सिंह की टीम को सूचना मिली कि वाराणसी में आयोजित प्रशिक्षित स्नातक जीव विज्ञान शिक्षक (टीजीटी-2016) में साल्वर गैंग कैंट रेलवे स्टेशन पर मौजूद है।
इसी पर टीम ने स्थानीय एसटीएफ के सहयोग से गिरोह के सरगना अशोक कुमार पाल निवासी पिलकथुआ थाना बरसठी जौनपुर और अभ्यर्थी सुनील कुमार निवासी हमजापुर थाना सराय ख्वाजा जौनपुर को सुबह गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान गिरोह के सरगना अशोक ने बताया कि अभ्यर्थी सुनील का सेंटर कोतवाली थाना के श्रीबल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज में है लेकिन पैसे के एवज में सुनील की जगह पर साल्वर रविंद्र चौरसिया परीक्षा दे रहा है।आजमगढ़ के मेंहनगर के बवनी कला निवासी रविंद्र चौरसिया की तलाश में एसटीएफ ने सेंटर पर सुबह साढे़ 11 बजे छापा मारकर रविंद्र को गिरफ्तार किया। साल्वर रविंद्र के कब्जे से प्रवेश पत्र, बुकलेट, ओएमआर शीट, आधार कार्ड आदि सामान बरामद हुआ। तीनों आरोपियों से एसटीएफ की पूछताछ जारी है। 
एसटीएफ ने खुलासा किया कि जांच में सामने आया कि एक ही जिले के होने के नाते अशोक पाल और सुनील पूर्व परिचित हैं। सुनील पाल ने टीजीटी 2016 स्नातक जीव विज्ञान परीक्षा फार्म भरा था। सुनील पाल की परीक्षा पास कराने के लिए गिरोह के सरगना अशोक ने अपने साथी डॉ. बृजेश पाल से बात करके सुनील कुमार पाल से 12 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
एडवांस में 40 हजार रुपये ले लिया गया था। सुनील पाल व डॉ. बृजेश पाल शुक्रवार को ही कैंट स्टेशन स्थित एक होटल में ठहरे थे। इस दौरान जौनपुर के एक और अभ्यर्थी आशीष कुमार पाल से 12 लाख रुपये में डॉ. बृजेश पाल से परीक्षा पास कराने पर बात पक्की हुई थी और आशीष ने भी एडवांस में 40 हजार रुपये  बृजेश पाल के खाते में डाल दिया था। अभ्यर्थी आशीष कुमार पाल की बात डॉ. बृजेश पाल से हुई थी, वह बृजेश पाल के साथ था। एसटीएफ के अनुसार डॉ. बृजेश पाल सेंटर से भाग निकला है।
एसटीएफ वाराणसी इकाई की पूछताछ में गिरोह के सरगना अशोक कुमार पाल ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के जरिए पास कराने का ठेका 12 से 15 लाख में लिया जाता है। खुद गिरोह का सरगना प्रयागराज में कई नवयुवकों को कोचिंग देता है। गिरफ्तार अशोक के अनुसार गिरोह में मेरे साथी जौनपुर के रामपुर थाना अंतर्गत गंधौना निवासी डॉ. बृजेश पाल और जौनपुर के बरसठी थाना का मानिकपुर गांव निवासी संदीप विश्वकर्मा है।
इसमें हमारा सॉल्वर भी होता हैं, पेपर आउट कराने वाला भी होता है और फोटो मिक्सिंग कर फर्जी आधार कार्ड, फर्जी एडमिट कार्ड व अन्य आईडी तैयार करने वाला भी है। अभ्यर्थियों व सॉल्वर के फोटो मिक्सिंग करने का काम जौनपुर के मछलीशहर के तरसांव गांव निवासी रमेश करता है। इस कार्य में सभी का हिस्सा बंटा रहता है। एसटीएफ की पूछताछ में सरगना अशोक ने बताया कि डॉ. बृजेश पाल प्रयागराज में पतंजलि क्लीनिक सेंटर में चिकित्सक है।
एसटीएफ की गिरफ्तार में आए सॉल्वर रविन्द्र चौरसिया ने पूछताछ में बताया कि परीक्षा देने के एवज में 15 हजार रुपये मिलने वाले थे। कानपुर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। शुक्रवार सुबह में डॉ. बृजेश पाल ने फोन पर कहा कि कानपुर से बनारस चले आओ। कानपुर से शनिवार सुबह छह बजे कैंट रोडवेज पहुंचा और यहां से डॉ. बृजेश पाल के साथ ऑटो में सवार होकर परीक्षा केंद्र पर पहुंचा। बृजेश पाल ने ही एडमिट कार्ड और आधार कार्ड उपलब्ध कराया। 





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