सुरक्षित एवं बचाव ही कोरोना संक्रमण का प्रमुख उपचार : प्रो. मेहरा


विज्ञान और तकनीक दोनों साथ-साथ चलें : कुलपति

कोविड-19 प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन करें: प्रो. अवनीश कुमार
 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ की ओर से शनिवार को वेबिनार महामारी “कोविड-19: निवारण, उपचार और टीकाकरण में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का योगदान” का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में नई दिल्ली के मैक्सिलो फेशियल सर्जन डॉक्टर प्रवेश मेहरा जी ने कहा कि कोविड-19 से सुरक्षित रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण अपना बचाव है । इसके लिए मास्क लगाना, बार-बार साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोना और सेनीटाइजर का प्रयोग करना जरूरी है । इस बचाव से हम कोविड-19 संक्रमण को बढ़ने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मानव से मानव में और हवा के माध्यम से हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करता है जिसके मुख्य द्वार नाक और मुंह है ऐसे में मास्क और हाथों की सफाई बेहद जरूरी है | किसी संक्रमित व्यक्ति के पास जाने के बाद अगर आपको किसी तरह की परेशानी महसूस हो रही है तो आप अपने आप को आइसोलेट कर लें, क्योंकि 14 दिन के अंदर इसके वायरस निष्क्रिय हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसकी कोई सटीक दवा नहीं बनाई गई है लेकिन अन्य पैरासाइट मारने वाली और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा का प्रयोग कर हम राहत ठीक हो रहे हैं। हमने कभी कल्पना नहीं की थी कि टेलीमेडिसिन के द्वारा मरीजों का इलाज होगा, मगर कोविड-19काल में टेक्नोलॉजी की मदद से इसे भी करने पर मजबूर किया। वैक्सिंग पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसे लगाकर हम इस बीमारी को काफी हद तक रोकने में सफल हुए हैं । उन्होंने कहा की वैक्सिंग को लेकर कोई भ्रम थी स्थिति ना पाले यह हमारे हित में है। अगर पहली डोज लेने के बाद कोई व्यक्ति को संक्रमण की चपेट में आता है तो उसे पूर्ण रूप से ठीक होने के 2 से 3 महीने बाद यह दूसरी डोज लेनी चाहिए। उन्होंने प्रश्नोत्तरी में कहा कि गर्भवती महिलाओं को कोवैक्सीन का टीकाकरण लेना चाहिए | मौसम तापक्रम से कोरोना का कोई संबंध नहीं है | वैक्सीनेशन से काफी हद तक बीमारी से बचा जा सकता है| योग और प्राणायाम अपने आप को स्वस्थ रखने के और संक्रमण से बचाने के कारगर माध्यम है | इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी दोनों साथ -साथ चले तभी हम इस महामारी से सरलता पूर्वक निपट सकते हैं और लोगों की जान और जीविका की रक्षा कर सकते हैं।
इस अवसर पर अध्यक्षीय उद्बोधन में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय सीएसटीटी के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर अवनीश कुमार ने कहा कि covid-19 का प्रोटोकॉल का अक्षरशः से पालन करें | हम एक दूसरे से सौहार्द-पूर्ण सहयोग बनाए रखें ।
 सरकार के प्रयास, कोरोना वॉरियर्स तथा वैज्ञानिकों की मदद से आज हम कोरोना के खिलाफ काफी हद तक लड़ाई जीत चुके हैं और इस महामारी से लड़ने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं |
 इस अवसर पर वेबिनार के संयोजक और समन्वयक आइक्यूएसी सेल प्रोफेसर मानस पांडेय ने अतिथियों का स्वागत भाषण किया।वेबिनार का संचालन डॉ. धर्मेंद्र सिंह और धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर राजेश शर्मा ने किया। कार्यक्रम में सहभागिता प्रो वंदना राय, प्रो देवराज, प्रो अविनाश पाथर्डीकर, प्रो अशोक कुमार श्रीवास्तव, डॉ सूर्यांश, सुशील कुमार सिंह, डॉ राघवेंद्र, परीक्षा नियंत्रक वी एन सिंह, डॉ मनोज मिश्रा, सहायक कुलसचिव बबीता, डॉ अनु त्यागी, डॉ नितेश, डॉ सुनील कुमार, डॉ जगदेव आदि ने की ।

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