पीयू में शैक्षणिक कार्य छोड़कर महिलाओं को राखी बनाने का दिया जा रहा है प्रशिक्षण


जौनपुर। विश्वविद्यालय की स्थापना पूर्वांचल में शिक्षा के स्तर को उठाने एवं तकनीकी शिक्षा के लिए किया गया था ताकि इस क्षेत्र के युवा अच्छी एवं तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर बेरोजगार न रहे लेकिन सरकार तो विश्वविद्यालय से शैक्षिक कार्य कराने के बजाय अमृत महोत्सव योजना के तहत गांव में स्वयं सहायता समूह से राखी बनवाने में जुटी हुई है। इसका स्पष्ट उदाहरण यह खबर है। विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में सेवा देने वाली कर्मचारी बड़े ही गर्व से राखी बनवाने की खबरें रिलीज करा रही है।
विश्वविद्यालय से जारी खबर के अनुसार शासन के निर्देशानुसार आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत कुलपति प्रो. (डॉ.) निर्मला एस. मौर्य के संरक्षकत्व में महिला अध्ययन केंद्र और एकता आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह के संयुक्त तत्वावधान में सराय विभार बख्शा ग्राम की महिलाओं को बुधवार को राखी बनाने और साज-सज्जा सामग्री का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण 5 दिन चलेगा।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार  पहल कर रही है कि सभी महिलाओं को ऐसे प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जाए जिससे वह अपने परिवार  का भरण पोषण आसानी से कर सकें। इस अवसर पर शिखा मौर्या, विद्युत सखी, रीता मौर्य, सरोजा मौर्य, शशि कला, शास्त्री मौर्या, मीना मौर्या आदि को प्रशिक्षण दिया गया।

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