सरकार का निर्णय तीन साल से एक ही जिले में डटे पुलिस के अधिकारियों को हटाया जायेगा, जानें क्या बनी नीति



विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने तीन साल से एक ही जिले में तैनात पुलिस अधिकारियों को हटाने का फैसला किया है। इसके लिए ऐसे अफसरों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। फिलहाल स्क्रीनिंग के दायरे में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) स्तर के अधिकारियों को ही रखा गया है। इनके अलावा जांच और शिकायतों से घिरे निरीक्षक और उप-निरीक्षकों की भी स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया गया है।
गृह विभाग ने इन दोनों स्तर के पुलिस कर्मियों की स्क्रीनिंग के लिए दो अलग-अलग कमेटी का गठन कर दिया है। एक कमेटी एएसपी और सीओ स्तर के अधिकारियों की और दूसरी कमेटी निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारियों की स्क्रीनिंग करेगी।  
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने फील्ड में तैनात पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके कई अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी कि जिले की पुलिसिंग व्यवस्था में ऊपर से किसी भी तरह का हस्तक्षेप न किया जाए। 
इसी कड़ी में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने दो अलग-अलग कमेटियों का गठन कर दिया है। पहली कमेटी डीजी अभिसूचना डॉ. डीएस चौहान की अध्यक्षता में गठित की गई है। इनके अलावा एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार और सचिव गृह तरुण गाबा को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी एएसपी और सीओ स्तर के अधिकारियों की स्क्रीनिंग करेगी।
वहीं दूसरी कमेटी एडीजी कानून-व्यवस्था की अध्यक्षता में गठित की गई है। इसमें एडीजी स्थापना संजय सिंघल और सचिव गृह बीडी पॉल्सन को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारियों की स्क्रीनिंग करेगी।

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