जेल में बन्दी रक्षकों द्वारा महिला के साथ बलात्कार,घटना को दबाने का सरकारी प्रयास


प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान कितना असर कारी साबित हुआ है इसका एक उदाहरण प्रदेश के झांसी जनपद की जेल में घटित महिला अपराध की घटना खुद बता रही है। महिला सुरक्षा को लेकर अब भी पूराने वाले हालात बने हुए हैं। अपराधी में पुलिस का खौफ दिखाई नहीं दे रहा है। केवल सभी को सुरक्षा देने की बात करती दिख रही है। लेकिन ऐसी कोई कड़ी कार्रवाई अब तक सामने नहीं आई है, जिससे महिला अपराध कारित करने वाले दरिन्दों में पुलिस का खौफ दिखायी देता है । यही कारण है कि महिलाएं व बेटियां न तो पहले सुरक्षित महसूस करतीं थी और न ही आज भी सुरक्षित दिखाई दे रही है।
ऐसा ही शर्मशार करने वाली वारदात झांसी जेल परिसर में बने सरकारी आवास से सामने आई है। एक बंदी से मिलने आई महिला को कमरे में लेकर जाकर दो सिपाहियों ने दुराचार किया है? इसकी जानकारी रात्रि ड्यूटी में तैनात डिप्टी जेल को अच्छी तरह से है मगर जेल और पुलिस प्रशासन ने मामले को दबा दिया गया। हालांकि जेल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दोषी सिपाही का तबादला अस्थाई जेल कर दिया है। इस बात की चर्चा जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों में है।
जिला कारागार में विभिन्न दफाओं के तहत सैकड़ों महिला और पुरुष बंद है। इन बंदियों से मुलाकात करने के लिए परिजन व रिश्तेदार आदि लोग आते जाते रहते हैं। मुलाकात करने के पहले नंबर दिया जाता है। नंबर आते ही संबंधिक बंदी से उनकी मुलाकात हो जाती है। कभी-कभार बंदी से मिलने आने वाले लोगों को पता नहीं चलता है कि आज मुलाकात होगी या नहीं। इसका फायदा जेल में कार्यरत कुछ सिपाही उठाते हैं। इन सिपाहियों को अपनी नौकरी की चिंता नहीं रहती है। यह लोग पैसों की खातिर कुछ भी करते रहते हैं। बताते हैं कि कुछ दिनों पहले एक महिला अपने बंदी से मिलने के लिए झाँसी जिला कारागार आई थी।
यह महिला बाहर की रहने वाली थी। उक्त महिला पेड़ की नीचे आकर बैठ गई थी। इसी बीच एक सिपाही आया और महिला से वार्तालाप की। महिला ने बताया कि उसका पति जेल में निरुद्ध है। वह अपने पति से मिलने आई है मगर मुलाकात नहीं हो पाई है। सिपाही ने उक्त महिला को अपनी बातों में फंसा लिया और कहा कि वह मुलाकात दूसरे दिन करवा देंगे। महिला को अपनी बातों में फंसा जेल सिपाही अपने आवास पर ले गया। काफी देर बाद एक और सिपाही वहां पहुंचा और दोनों ने मिलकर महिला से बंद कमरे में बलात्कार किया। इस मामले की जानकारी जेल में निरुद्ध बंदियों को हुई तो मामले ने तूल पकड़ लिया था। बाद में किसी तरह बंदियों को समझाया गया था। इस घटना क्रम की जानकारी रात्रि ड्यूटी में तैनात डिप्टी जेलर को अच्छी तरह से हैं मगर वह चुप्पी साधे हुए हैं।
उधर, इस घटना क्रम की जानकारी सम्बन्धित  नवाबाद थाने की पुलिस को हुई। पुलिस मौके पर आई तो पूरी घटनाक्रम के बारे में अन्य बंदियों ने अवगत कराया था। पीड़ित महिला भी थाने पहुंची थी लेकिन जेल और पुलिस प्रशासन के दवाब में आकर पीड़ित महिला की तहरीर नहीं ली गयी न ही मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में पीड़ित महिला को किसी तरह समझाकर वहां से भगा दिया था। वहीं, जेल प्रशासन ने दोषी सिपाही की जेल की ड्यूटी से हटाकर अस्थाई जेल लगा दी। इस मामले में जेल प्रशासन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। 
इस सिरफिरे सिपाही ने यूपी सरकार की धज्जियां उड़ाते हुए बंदी से मुलाकात करने आई महिला को हवस का शिकार बना लिया। जब जनता की रक्षा करने वाले ही इस तरह से जघन्य अपराध करेंगे, तोमहिला और बेटियां कैसे सुरक्षित रहेगी सहज अनुमान लगाया जा सकता है। साथ ही सरकार का मिशन शक्ति भी सवालों के कटघरे में खड़ा होता है। 

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