अशोका इंस्टीट्यूट में एकता दिवस के रूप में मनाई गई सरदार पटेल की जयंती


अन्याय का प्रतिकार करने से नहीं हटना चाहिए पीछेः डा.सारिका
वाराणसी। अशोका इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर रन फार यूनिटी का आयोजन किया गया। इंस्टीट्यूट की निदेशक डा.सारिका श्रीवास्तव ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने हमें अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ने की प्रेरणा दी थी। पटेल ने यह भी कहा था कि अन्याय का प्रतिकार करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। जब जनता एक हो जाती है, तब उसके सामने क्रूर से क्रूर शासन भी नहीं टिक सकता।  
अशोका इंस्टीट्यूट में आयोजित समारोह में स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए डा.सारिका ने कहा कि लौहपुरुष सरदार पटेल का आजादी के बाद भारत के एकीकरण में सबसे महत्वपूर्ण योगदान था, इसलिए उन्हें राष्ट्रीय एकता का प्रणेता माना जाता है। राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यही कारण है कि वल्लभ भाई पटेल की जयंती को देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है। पहली बार राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 में मनाया गया था। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर पटेल ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया।  साल 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें तीन साल की कैद हुई। आजादी के बाद वह देश के पहले उप-प्रधानमंत्री व पहले गृहमंत्री बने। 
लौह पुरुष के अनमोल विचारों को रेखाकित करती हुईं निदेशक डा.सारिका श्रीवास्तव ने कहा कि पटेल अक्सर कहा करते ते कि हम भले ही हजारों की संपत्ति खो दें, और हमारा जीवन बलिदान हो जाए, हमें मुस्कुराते रहना चाहिए। ईश्वर और सत्य में अपना विश्वास बनाए रखना चाहिए। हर नागरिक की यह मुख्य जिम्मेदारी है कि वह महसूस करे कि उसका देश स्वतंत्र है और अपने देश की रक्षा करना उसका कर्तव्य है। हमें ऊंच-नीच, अमीर-गरीब, जाति-पंथ के भेदभावों को समाप्त कर देना चाहिए, तभी हम एक उन्नत देश की कल्पना कर सकते हैं।  पटेल यह भी कहा करते थे कि अधिकार मनुष्य को तब तक अंधा बनाए रखेंगे, जब तक मनुष्य उस अधिकार को प्राप्त करने हेतु मूल्य न चुका दे। भारत एक अच्छा उत्पादक है और इस देश में कोई अन्न के लिए आंसू बहाता हुआ भूखा ना रहे।
कार्यक्रम के शुरुआत में लौह पुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस मौक पर अशोका स्कूल आफ बिजनेस के प्रिंसिपल सीपी मल्ल, फार्मेसी विभाग के प्रिंसिपल बृजेश सिंह, डीन एसएस कुशवाहा, अरविंद कुमार, प्रशांत गुप्ता, सना फातिमा, डा. प्रीति कुमारी, सोनी ओझा, डॉक्टर सौम्या श्रीवास्तव, डॉक्टर फरहान, प्रदीप मौर्य, अविनाश प्रसाद, संदीप मिश्रा, राहुल सिंह, राजेश तिवारी के अलावा इंस्टीट्यूट के सभी शिक्षक और स्टूडेंट्स मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन शर्मिला सिंह और अनुजा ने किया।

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