*जौनपुर: मोहर्रम और सावन को लेकर जौनपुर पुलिस अलर्ट मोड में, संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी,*


 *सीसीटीवी, ड्रोन और कंट्रोल रूम के जरिये होगी चौकसी, आठ थानों पर अस्थाई अस्पताल की व्यवस्था,*

*जौनपुर।* जनपद में आगामी मोहर्रम जुलूस और सावन माह में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था कर ली है। सुरक्षा की दृष्टि से न सिर्फ तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया गया है बल्कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
   इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि मोहर्रम और कांवड़ यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कुल 23 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन इलाकों में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बैठकें कर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
   डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रमुख शिवालयों और मंदिरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 11 ड्रोन कैमरों की मदद से भीड़ और गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। निगरानी के लिए एक सेंट्रल कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां से पूरे जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधी नजर रखी जाएगी।
  
   एसपी ने यह भी जानकारी दी कि आठ थाना क्षेत्रों में अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में तीर्थयात्रियों व आमजन को तुरंत चिकित्सीय सहायता मिल सके। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात की सुचारु व्यवस्था के लिए रूट डायवर्जन की भी योजना तैयार की गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर लागू किया जाएगा।
   एसपी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भड़काऊ गतिविधियों से दूर रहें और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    पुलिस प्रशासन की इस सघन तैयारी से यह साफ हो गया है कि जनपद में किसी भी हालात में शांति और सौहार्द को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

Comments

Popular posts from this blog

प्रेमिका से शादी के लिए टावर पर चढ़ा युवक, साढ़े तीन घण्टे बाद उतरा

डीएम को प्रदर्शनी में दिखीं खामियां, झूलों की पीडब्ल्यूडी जांच और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश

*सुल्तानपुर में फेरबदल: ओमप्रकाश राजभर की छुट्टी, गिरीश चंद्र यादव को मिली कमान*