जिंदा जले प्रेमी युवक शुभम के परिजनो को न्याय दिलाने के बजाय पुलिस ने लाठी पटककर खदेड़ा,पिटाई का भी है आरोप


जनपद वाराणसी के बेनीपुर गांव में प्रेमिका के घर जिंदा जलाये जाने के बाद अस्पताल में जान गंवाने वाले जौनपुर मूल के शुभम सेठ (28) के परिजनों और स्वर्णकार संघ के लोगों को न्याय दिलाने के बजाय चोलापुर थाने की पुलिस ने लाठी पटककर खदेड़ दिया है।शुभम के परिजनों और स्वर्णकार संघ के लोगों ने पुलिस पर लाठी से पिटाई और महिलाओं से बदसलूकी का आरोप लगाया। प्रकरण में शुभम के पक्ष के सात लोगों को हिरासत में लेकर चोलापुर थाने में बैठा दिया गया। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो सभी लोग थाने से छोड़ दिए गए। घटना पर स्वर्णकार संघ ने गहरी नाराजगी जताते हुए उच्चाधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों से शिकायत की बात कही है।
बता दे जौनपुर जिले के चंदवक थाना क्षेत्र के पतरही कोपा का रहने वाला शुभम सेठ बीते एक जनवरी को बेनीपुर गांव में अपनी प्रेमिका रितिका के घर गया था। घर के अंदर  वह आग की लपटों से घिर गया बचाव के लिए आवाज भी लगाई उपचार के दौरान तीन जनवरी को उसकी मौत हो गई। शुभम की मां किरन देवी की तहरीर के आधार पर चोलापुर थाने में रितिका और उसके पिता सहित सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। तब से लेकर अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
प्रकरण के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शुभम की मां किरन देवी, नाना भोला सेठ, मामा संदीप व नीरज और बहन मीनू व आरती स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों के साथ चोलापुर थाने के मुख्य गेट पर रविवार को प्रदर्शन कर रहे थे। महिलाओं से थाना प्रभारी अपने कार्यालय में बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस पकड़ कर हिरासत में लेने लगी। 
स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सेठ ने आरोप लगाया कि चोलापुर थाने की पुलिस ने महिलाओं के साथ बदसलूकी और लाठी से पिटाई की। शुभम के भाई सनी सेठ, चाचा विशाल सेठ, नाना भोला सेठ, राहुल चौहान, विपुल सेठ, सचिन पांडेय और शिवकुमार सेठ को हिरासत में लिया गया। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई तो हिरासत में लिए गए लोग छोड़े गए।
इस संबंध में चोलापुर थाना प्रभारी परमहंस गुप्ता ने बताया कि शिवम सेठ की मौत की जांच चल रही है। स्वर्णकार संघ के लोग थाने के सामन प्रदर्शन कर अराजकता कर रहे थे। हंगामा कर रहे लोगों को थाने में लाकर बातचीत के बाद छोड़ दिया गया। बदसलूकी और पिटाई की बात गलत है।

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