जौनपुर में भाजपा नेता एवं पत्रकार की हत्या से कांपा इलाका, पुलिस पर लापरवाही का आरोप, पत्रकारो में गुस्सा, शोक संवेदनायें

जौनपुर। जनपद मुख्यालय से 40 किमी दूर स्थित थाना कोतवाली शाहगंज स्थित इमरानगंज बाजार में सुबह 9.30 बजे गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका कांप उठा और हौसला बुलन्द बदमाश थाना क्षेत्र के सबरहद गांव निवासी भाजपा नेता एवं सुदर्शन न्यूज के सहायक पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार कर फरार हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस विधिक कार्यवाई करते हुए लाश का पोस्टमार्टम कराया और तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर अब बदमाशो को पकड़ने के लिए जगह जगह दविशे शुरू कर दी है। खबर जारी करने तक हत्या के सही कारण का पता पुलिस भी नहीं लगा सकी थी। इस हत्याकांड को लेकर जिले के पत्रकारो में रोश और गुस्सा भी है। 
मिली खबर के अनुसार आज सोमवार की सुबह आशुतोष अपने निज आवास सबरहद से भाजपा के प्रचार हेतु निकले थे जैसे ही वह अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से इमरानगंज बाजार में एक दुकान पर पहुंच कर बात चीत कर रहे थे उसी समय साढ़े नौ बजे के आसपास मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो बदमाश आये और ताबड़तोड़ आशुतोष को लक्ष्य कर गोलियां दागना शुरू कर दिए जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते चार गोलियां मार कर आशुतोष श्रीवास्तव को मौत की नींद सुलाते हुए असलहा हवा में लहराते हुए फरार हो गये। घटना के बाद घटनास्थल पर जुटी आवाम ने आशुतोष को सीएचसी शाहगंज पहुंचाया जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आशुतोष की हत्या को लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं हो रही है। कुछ लोग हत्या का कारण गांव की रंजिश मान रहे है तो कुछ लोग आशुतोष द्वारा पशू तस्करो का विरोध मान रहे है। हलांकि धटना के लगभग एक माह पूर्व आशुतोष ने थानाध्यक्ष शाहगंज और सीओ शाहगंज को प्रार्थना पत्र देते हुए अपने उपर जान लेवा हमले की आशंका जताई थी। लेकिन पुलिस ने आशुतोष के प्रार्थना-पत्र को गम्भीरता पूर्वक नहीं लिया। खबर है कि आशुतोष ने अपने कुछ शत्रुओ की ओर पुलिस को इशारा भी किया था लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।  जिसका परिणाम हुआ कि आज 13 मई 24 दिन सोमवार की सुबह दबंग हत्यारे काल बनकर आये और आशुतोष पर गोलियां बरसा कर मौत के घाट उतार दिया।
घटना के बाद पुलिस पोस्टमार्टम और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रही है।अगर पहले शिकायती पत्र को गम्भीरता से ले लेती तो इस हत्याकांड को रोका जा सकता था।
आशुतोष की हत्या की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैली और आम जनमानस सीएचसी पर पहुंचा वहां पर लाश को लेकर लोग सबरहद आना चाह रहे थे लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं होने दिया। इस हत्याकांड से नाराज लोग पुलिस के खिलाफ काफी देर तक प्रदर्शन करते हुए जाम भी लगाये लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा ने लोगो को समझा बुझाकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया और हत्यारो की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर लगा दिया है। हलांकि घटना के लगभग आठ घन्टे बाद तक पुलिस हत्या के असली कारण का पता लगाने में असफल रही है। सीओ शाहगंज से बात करने पर उन्होंने केवल इतना कहा पुलिस दविशे दे रही है हत्यारे जल्द गिरफ्तार होगे कारण का पता लगाया जा रहा है।
पत्रकार के इस हत्याकांड से जिले के पत्रकार खासा गुस्से में है और लापरवाह पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाई करने एवं मृतक पत्रकार के परिवार को कम से कम पचास लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग कर रहे है। जौनपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष कपिल देव मौर्य के नेतृत्व में जौनपुर प्रेस क्लब के लोगो ने शोक संवेदना व्यक्त किया। जिसमे शम्भू नाथ सिंह महामंत्री, विरेन्द्र प्रताप सिंह एवं राकेश कान्त पान्डेय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, लक्ष्मी नारायण यादव, फूलचंद यादव, बृजेश यदुवंशी,आशीष पान्डेय उपाध्याय गण, दीपक सिंह रिंकू जिला मंत्री, मो अब्बास मंत्री, आसिफ खान आय व्यय निरीक्षक ,सरस सिंह, अजय सिंह, सुनील कुमार, अवधेश तिवारी, डा लल्लन मौर्य आदि पत्रकारो ने शोक व्यक्त किया।  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष इन्द्र भुवन सिंह ने भी पत्रकार के हत्याकांड की निन्दा करते हुए पुलिस की लापरवाही की आलोचना किया और मृतक आशुतोष के प्रति शोक संवेदना व्यक्त किया।

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