आधार से लिंकिग के दौरान 3 करोड़ फर्जी राशन कार्ड हुए निरस्त




 नई दिल्ली। ताजा खबर से अवगत कराते हुए देश के केंद्रीय खाद्यान मंत्री रामविलास पासवान ने जारी विज्ञप्ति में  बताया है कि राशन कार्डों के डिजिटलीकरण और आधार से  लिंकिग के  दौरान देश में  3 करोड़ राशनकार्ड फर्जी पाए गए जिन्हें रद्द किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान गरीबों के लिए प्रधानमंत्री गरीब योजना (पीएमजीएवाई) के जरिए जून तक यानी बीते अप्रैल, मई और जून के महीने के लिए प्रत्येक राशनकार्ड धारक को मुफ्त एक किलो दाल वितरित करने का फैसला किया था
राशन कार्ड लिंकिंग जरूरी
केंद्र सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि आधार और राशन कार्ड लिंकिंग जरूरी हो गयी थी  । इसीलिए राशन कार्ड रद्द हुए हैं। इसके साथ ही फर्जी राशन कार्ड भी बनाकर सरकार की स्कीम से मुफ्त में अनाज और अन्य सामान लिया जा रहा था। ये राशन कार्ड भी रद्द कर दिए गए हैं।
भारत में कुल 80 करोड़ लोगों के पास राशन कार्ड हैं। इस पहल को ऊपरी तौर पर कई प्रवासी लाभार्थियों जैसे कि मजदूरों, दैनिक मजदूरों, ब्लू-कॉलर श्रमिकों आदि के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जो देश भर में रोजगार की तलाश में अक्सर अपना निवास स्थान बदलते है 
आधार नंबर को राशन कार्ड से लिंक
वहीं सरकार द्वारा राशन कार्ड कैंसिल होने पर आपको खाद्य आपूर्ति विभाग में जाकर इसकी जानकारी लेनी होगी। वहां अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड दिखाएं। आधार नंबर को राशन कार्ड से लिंक किया जाएगा। इसके बाद आपका नया राशन कार्ड बनेगा और पुराना निरस्त  होगा।
1 जून 2020 से ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’
 बता दें कि केंद्र सरकार 1 जून 2020 से ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना को लागू कर देगी। इसके तहत पुराने और नए राशन कार्डधारकों को देश में किसी भी राशन की दुकान से कहीं भी राशन खरीद सकेंगे।
साथ ही केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने हाल में इसकी घोषणा की है। इसे राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी कहा जा रहा है।

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