तथाकथित समाज सेवी दिलीप राय बलवानी ठगी के जुर्म में चढ़ा एसटीएफ के हाथ, पहुंचा सलाखों के पीछे

 
जौनपुर भी आ सकती है पुलिस,बलवानी से नाता रखने वालों की करेगी छानबीन 

जौनपुर। सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना जनपद जौनपुर मूल के निवासी दिलीप राय बलवानी को एसटीएफ ने 07 मई 22 को रात्रि 8 .20 बजे लखनऊ डी कैथनाल कॉम्प्लेक्स के पास थाना क्षेत्र विभूति खण्ड से गिरफ्तार करते हुए 11 कूटरचित फर्जी नियुक्ति पत्र दस्तावेज और 06 मोहरें, 05 मोबाइल फोन तथा एम जी हेक्टर कार बरामद किया है। 
एसटीएफ ने जारी विज्ञप्ति के जरिये बताया है कि दिलीप राय बलवानी का एक गिरोह है जो लखनऊ में स्थित सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर सैकड़ो लोंगो से ठगी करके ऐसो आराम का जीवन जी रहा था। विगत एक माह से लगातार एसटीएफ को खबर मिल रही थी कि लखनऊ सचिवालय में नौकरी देने के नाम पर ठगी का कारोबार चल रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ ने इन्सपेक्टर अतुल चतुर्वेदी के नेतृत्व में एक टीम गठित करते हुए छानबीन शुरू कर दिया। टीम ने अभिसूचना इकठ्ठा करने के बाद ठगी गिरोह के सरगना दिलीप राय बलवानी को गिरफ्तार कर लिया है। 
एसटीएफ के अनुसार अब दिलीप राय बलवानी से नाता रखने वालो की भी छानबीन करायी जायेगी। खबर है कि जल्द ही एसटीएफ जौनपुर में दिलीप राय बलवानी से जुड़े लोंगो के बारे में छानबीन करने आ सकती। यहां बता दे बलवानी इसी के दम पर अकूत सम्पत्ति अर्जित करके जनपद जौनपुर में पूरे लाव लश्कर के साथ चलते हुए तमाम सफेद पोज लोंगो से खास जुड़ा हुआ था। एसटीएफ की माने तो यूपी सरकार के एक मंत्री को अपना खास बता कर लूट पाट का खेल धड़ल्ले से चला रहा था। ठगी के शिकार लोंगो की शिकायत पर अब एसटीएफ के हाथ लग गया है। हलांकि एसटीएफ को इससे बड़े खुलासे की सम्भावना है।एसटीएफ ने जानकारी दी है कि पूछताछ के दौरान दिलीप राय बलवानी ने बताया कि उसका भाई मंजीत काफी समय से नौकरी दिलाने के नाम बड़ी संख्या में लोंगो को ठगी का शिकार बना चुका है। 
नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेने के बाद जब लोग दबाव बनाते रहे तब फर्जी कूटरचित नियुक्ति पत्र दे दिया जाता था। अपनी पकड़ और लोंगो को ठगने के एडिट करके हम बड़े बड़े लोंगो के साथ अपनी फोटो बनवा कर वायरल कराते थे ताकि लोग हमारे जाल में फंस सके। जनपद बलिया के मुक्तेश्वर सिंह से 15 लाख रुपए, जौनपुर निवासी परमेन्द्र सिंह से 17 लाख, उपेंद्र सिंह लखीमपुर खीरी से 05 लाख, सुरेन्द्र यादव आजमगढ़ से 18 लाख, प्रमोद सिंह लखनऊ से 05 लाख, राजकुमार वर्मा लखनऊ से 05 लाख रुपए ठगी करना स्वीकार करते हुए लगभग एक सैकड़ा लोंगो को ठगना स्वीकार किया। एसटीएफ के अनुसार दिलीप राय बलवानी ठगी के जुर्म में कई बार जेल की यात्रा कर चुका है। इसके उपर अभी तक 10 अपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके। 
यहां बता दे कि दिलीप राय बलवानी जनपद जौनपुर में अपने आप को समाज सेवी के रूप में स्थापित करते हुए जिले के आला अधिकारियों सहित सफेद पोज तथा कथित समाज सेवियो और कुछ मीडिया के उपर भौकाल बनाने का काम करता रहा है। लेकिन सच छिपता नहीं आखिर कार अब एसटीएफ ने उसे जेल की सलाखों के पीछे डाल ही दिया है। 

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