जिले में लगभग रोज हो रही घटनाओ ने पुलिसिंग व्यवस्था पर खड़ा कर दिया है सवाल, आखिर जिम्मेदार है कौन?


जौनपुर। जनपद के दो थाना क्षेत्रो में घटित हत्या और गोलीकांड की घटनाओ ने एक बार फिर जिले की पुलिसिंग पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए कानून व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि क्या पुलिस की दहशत आम जनमानस अथवा गरीबो के लिए है, दबंग अपराधी में पुलिसिंग का खौफ क्यों नहीं है।इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।
यहां बता दें कि बीती रात थाना मीरगंज क्षेत्र स्थित ग्राम मेदपुर बनकट में लगभग 11 बजे रात को थाना से मात्र 300 मीटर की दूरी पर रेलवे लाइन के किनारे दबंगो ने एक युवक को मारकर मरणासन्न हालत में फेंक कर चले गये। जब तक उसको उपचार मिल पाता उसकी मौत हो चुकी थी। मिली खबर के अनुसार घायलावस्था में गांव के निवासी रिशांक सिंह उर्फ रिशू नामक 25 वर्षीय युवक को ग्रामीण जनो ने अचानक देखा तो परिवार के लोगो को सूचित किया परिजन तत्काल घटनास्थल पर पहुंच कर पहले घायल की जान बचाने के लिए प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में युवक की मौत हो गयी। युवक की मौत होते ही कोहराम मच गया परिवार के लोग लाश लेकर वापस घर लौटे और शव को घर के बाहर रखकर धरने पर पर बैठ गये। घटना की सूचना पर पुलिस भी मय अधिकारियों के साथ मौके पर गयी और परिजनो को कार्यवाई का आश्वासन देकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। इस घटना में मृतक के परिवार की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर हत्यारो की तलाश की जा रही है।
दूसरी घटना इसी बीती रात में थाना सरपतहां क्षेत्र स्थित ग्राम मोहम्मदपुर में दबंगो ने एक युवक की हत्या की नीयति से गोलियों की बौछार तो किया संयोग था कि जिसे दबंग मारना चाहते थे वह अंधेरे का लाभ उठा कर जान बचाकर भाग गया एक दूसरा राहगीर दुर्गेश पुत्र रमापती उम्र 24 वर्ष को जांघ में गोली लगी। गोलीकांड की घटना के बाद इलाके में दहशत कायम हो गया। घटना की खबर मिलने पर सीओ शाहगंज और सरपतहां की पुलिस मौके पर पहुंच कर घायल को सीएचसी शाहगंज भेजा वहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया जहां उपचार जारी है। यहां पर नामजद तीन लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अब गिरफ्तारी के लिए दविशे दी जा रही है।
इस घटना के संदर्भ में बताया गया है कि दो मौर्य परिवार राम मिलन मौर्य और विनय मौर्य के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद था राम मिलन का परिवार बाहर रहता था गुरुवार को घर आया था इधर विनय के परिवार के लोगो ने राम मिलन के पुत्र की हत्या की योजना बनाकर गोली बारी रात में करने गये संयोग था कि गोली राम मिलन के पुत्र को लगने के बजाय दूसरे ग्रामीण दुर्गेश को लग गयी। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की छानबीन में जुटी है।
यहां पर सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस का भय लोगो में नहीं है अक्सर लोग कानून को हाथ में लेते हुए हत्या गोली बारी जैसी घटनाओ को अंजाम दे रहे है। आखिर इस तरह की घटनाओ के लिए जिम्मेदार किसको माना जाये। 

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