जनपद मऊ के सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने जाने क्या किया शिकायत



प्रदेश की बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जनपद मऊ के सीजेएम कोर्ट में हुई । इस पेशी में मुख्तार अंसारी ने जेल की असुविधाओं को लेकर बात कही है । जिसपर कोर्ट ने प्रशासन को फटकार लगाई है। मुख्तार का कहना है कि वो एक विधायक हैं और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के मानक के अनुसार कोई सुविधा नहीं दी गई । जिसके चलते मुख्तार की तबियत खराब हो गई । इन 40 दिनों में उनका वजन 08 किग्रा घट चुका है । मुख्तार अंसारी के वकील का कहना है कि विधायक मुख्तार अंसारी के लेटर पैड द्वारा असलहे के मामले में कोर्ट द्वारा सुनवाई हुई, जिसमें अगली तारिख 21 मई दी गई है । इस दौरान उन्होंने मुख्तार अंसारी को जेल में होने वाले दिक्कतों के बारे में भी बताया और कहा एक विधयक और सुप्रीम कोर्ट के मानक के अनुसार सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं । वकील ने आगे बताया कि सुविधाएं ना मिलने से मुख्तार अंसारी की तबियत बिगड़ रही है । 40 दिनों में 8 किलों वजन कम हो चुका है । यही नहीं मुख्तार के वकील ने बताया कि जेल में अन्य जरुरी की चीजें भी नहीं मिल रही हैं । 
करीब दो सालों से पंजाब की जेल में रहने के बाद बाहुबली अंसारी को उत्तर प्रदेश पुलिस बांदा जेल में शिफ्ट कराया । इसी बीच लखनऊ में एमपी एमएलए विशेष अदालत ने 12 अप्रैल को मुख्तार अंसारी को साल 2000 में जेलर और डिप्टी जेलर पर पर हमला करने , जेल पर पथराव साथ साथ धमकी देने के मामले में व्यक्तिगत तलब किया गया था ।
यहां बता दें कि मुख्तार अंसारी का राजनीतिक परिवार से तालुक है । दादा इंइंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं । उनके दादा का नाम भी मुख्तार ही था, उन्होंने देश की आज़ादी की लड़ाई के लिए अहम रोल निभाया था । इसके लिए उन्हें महावीर चक्र मिला था । मुख्तार के चाचा भी देश के लिए काम कर चुके हैं । वह देश के पूर्व राष्ट्रपति थे । जबकि मुख्तार का भाई गाजीपुर में सांसद है ।

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