बिना विद्यालय गए 39 माह तक परिचारक लेता रहा वेतन,उच्चाधिकारियों को जानकारी होते ही अक्टूबर 22 से रोका गया वेतन


जौनपुर। श्री यादवेश इन्टरकालेज नौपेड़वा में वर्ष 2019 में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश पर नियुक्त परिचारक 39 माह तक गुपचुप ठंग से वेतन लेता रहा। मामला जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के संज्ञान में आते ही परिचारक का वेतन आनन-फानन में रोक दिया गया। मामले को बदलापुर विधायक रमेशचंद्र मिश्र ने संज्ञान में लेते हुए जांच की मांग की है। 
ज्ञात हो कि जनपद के श्रीमती धर्मराजी देवी गंगा प्रसाद सिंह इन्टरकालेज खोइरी सोतीपुर में परिचारक के पद पर कथित तौर पर तैनात गिरीश कुमार यादव का वर्ष 2019 में विभागीय कारणों से वेतन अवरुद्ध कर दिया गया। विभागीय अफसरों की मिलीभगत से तथ्य को छिपाते हुए तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश मिश्रा के आदेश पर श्रीयादवेश इन्टर कालेज नौपेड़वा में 31 जुलाई वर्ष 2017 से रिक्त पद के क्रम में 4 जुलाई 2019 को कार्यवाहक प्रधानाचार्य ब्रह्मदत्त यादव व प्रधानाचार्य की प्रबन्धक पत्नी मालती देवी द्वारा उसी गिरीश कुमार यादव को परिचारक के पद पर कूटरचना कर ज्वॉइन करा दिया। वर्ष 2020 में परिषदीय परीक्षा में कार्य की अधिकता को देखते हुए तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश मिश्रा के ही आदेश पर उसे मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया गया। परीक्षा समाप्त होते ही पुनः गिरीश को न्यायालीय कार्य में प्रभावी पैरवी हेतु प्रयागराज के कार्यों को सौंप दिया गया। आश्चर्य इस बात की है कि आज तक विद्यालय अथवा कार्यालय पर कही भी उपस्थिति नही रही। उधर विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से वेतन आहरित होता रहा। सुगबुगाहट होते ही बीते वर्ष अक्टूबर माह से आनन-फानन में वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र देव पांडेय ने वेतन अवरुद्ध कर दिया गया।
सूत्रों की माने तो उक्त परिचारक को तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश मिश्रा ने अपने प्रयागराज आवास पर निजी नौकर के रूप में रख कर घरेलू काम करवा रहे है। अपने प्रभाव के बल पर उसका वेतन यहाँ से आहरित करवा रहे थे। बृजेश मिश्र जनपद में तैनाती के दौरान अपने विभागीय कारनामों के लिए काफी चर्चा में रहे है। बलिया में गत वर्ष बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में गिरफ्तार भी हुए थे। काफी समय जेल में रहे फिलहाल जमानत पर है। प्रतापगढ़ जौनपुर और बलिया में तैनाती के दौरान बृजेश मिश्रा अपने कारनामों के कारण चर्चित रहे है। 
इस सम्बंध में बदलापुर के विधायक रमेशचंद्र मिश्र ने कहा है कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए वह माननीय मुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री को पत्र लिखेंगे। 
परिचारक गिरीश कुमार का मामला संज्ञान में आते ही वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक नरेन्द्र देव के आदेश पर उनका वेतन रोक दिया गया है। इसके पूर्व कार्यवाहक प्रधानाचार्य व प्रबन्धक द्वारा उन्हें ज्वाईन कराया गया था। परिचारक को मेरे द्वारा तीन पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई कि वर्तमान में आप कहा कार्य कर रहें है। कोई जवाब न मिलने पर लिखित सूचना डीआईओएस को दिया। उनके निर्देश पर वेतन रोक दिया गया है। 
        

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