विधान सभा चुनाव 2022 में भाजपा की सत्ता में वापसी के लिए जानें संघ क्या और कैसे कर रहा है तैयारी



विधानसभा चुनाव-2022 फतेह के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उनके अनुषांगिक संगठन जनता के बीच प्रदेश की भाजपा सरकार और संगठन की छवि बनाने में जुटेंगे। कोरोना की दूसरी लहर के बाद गांवों से लेकर शहरों तक बिगड़े माहौल को हर हाल में दुरुस्त किया जाएगा। वहीं कोरोना की संभावित तीसरी लहर के दौरान चिकित्सा सुविधाओं से लेकर पीड़ितों की मदद की चाकचौबंद व्यवस्था के लिए भी जुटेंगे। राजधानी स्थित निजी स्कूल के मीटिंग हॉल में संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और सह सरकार्यवाह कृष्णगोपाल ने भाजपा सहित संघ के अनुषांगिक संगठनों के प्रमुखों के साथ चुनाव के मद्देनजर भाजपा के लिए जमीन तैयार करने पर मंथन किया।
सर कार्यवाह दत्तात्रेय ने कानपुर रोड़ स्थित स्कूल में संघ के पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रचारक अनिल कुमार और पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रचारक महेन्द्र कुमार की मौजूदगी में विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों से बात की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि 2022 का विधानसभा चुनाव उतना ही महत्वपूर्ण है जितना 2024 का लोकसभा चुनाव। उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच जाकर प्रदेश सरकार और भाजपा की छवि को बनाने का काम करें। यदि कहीं कोई उपयुक्त फीडबैक मिलता है तो उससे उचित स्तर तक बताएं। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण गांव से लेकर शहरों तक जो माहौल बिगड़ा है उसे किसी भी स्थिति में ठीक करना होगा।
बैठक में भाजपा सहित अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की नाराजगी के मुद्दे पर संघ के शीर्ष पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी कार्यकर्ता नाराज है उनसे संवाद और सरकार से समन्वय कर नाराजगी दूर करें। संघ ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए चलाए जाने वाले अभियानों में भी अनुषांगिक संगठनों को जुटने को कहा। संघ ने सामाजिक सरोकारों और राष्ट्रवाद के मुद्दों के साथ संघ की शाखाओं के विस्तार पर भी बात की।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मुद्दे पूरे किए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में प्रदेश सरकार व संगठन के साथ हुई समन्वय बैठक में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे के तहत पूरे हुए वादों को जमीन तक पहुंचाने पर मंथन हुआ। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सात वर्ष के शासन में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जैसे वादे पूरे हुए हैं। वहीं योगी सरकार में अयोध्या का दीपोत्सव, वाराणसी की देव दीपावली, बरसाने की होली, कावड़ यात्रा सहित अन्य मुद्दों को धार दी गई है।
इनके अतिरिक्त कोरोना की पहली और दूसरी लहर में भी सरकार व संगठन ने मरीजों के उपचार से लेकर प्रवासियों के रोजगार व सेवा कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी है। महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने चुनाव के मद्देनजर पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। संघ के पदाधिकारियों ने भी अनुषांगिक संगठनों से मिले फीडबैक के आधार पर अपने सुझाव सरकार व संगठन को देते हुए व्यवस्थाएं दुरस्त करने को कहा। बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ.दिनेश शर्मा, सह संगठन मंत्री कर्मवीर भी मौजूद थे।
अगस्त में मिलेगी अनुषांगिक संगठनों को जिम्मेदारी
जानकारों का कहना है कि सभी अनुषांगिक संगठनों से सुझाव मांगे गए हैं कि वे चुनाव और कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर वे क्या-क्या कर सकते हैं और क्या किया जाना चाहिए। सभी संगठनों से सुझाव मिलने के बाद अगस्त में होने वाली समन्वय बैठक में अनुषांगिक संगठनों को उनकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

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