दिव्यांग जनों की सेवा से बड़ा कोई पूण्य नहीं - रमेश चन्द मिश्रा विधायक


जौनपुर। भाजपा के बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने दिव्यांग जनों को को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोटराइज्ड ट्राई साइकिल आदि उपकरण वितरित क,ने के पश्चात कहा कि दिव्यांग जनों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है । केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार दिव्यांगों के लिए ऐतिहासिक कार्य कर रही है। समाज में उन्हें बराबरी की हिस्सेदारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए तमाम तरह के रोजगार एवं योजनायें चला रही है। बदलापुर ब्लॉक परिसर में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक रमेश ने 100 से अधिक दिव्यांग जनो को विधायक निधि से 37 मोटरराइज्ड ट्राई साइकिल, और 62 ट्राईसाइकिल समेत अन्य दिव्यांग सहायतार्थ उपकरण वितरण किया।
बदलापुर विधानसभा क्षेत्र में पहली बार इस तरह के  समारोह में दिव्यांग जनों ने क्षेत्रीय विधायक के हाथों मोटराइज्ड ट्राई साइकिल व अन्य प्रकार के मदद पाने पर खासे प्रसन्न रहें।
इस मौके पर मौजूद एकता गोंड़, मुक्तेश्वर शुक्ल, जयसिंह, जिलेदार , सुमित्रा, सुमन यादव समेत 50 तमाम युवक और महिलाओं ने कहा कि बदलापुर क्षेत्र में पहली बार उन्हें इस तरह का सम्मान मिला है। इसके लिए वह अपने क्षेत्रीय भाजपा विधायक के हमेशा आभारी रहेंगे।अंत में विधायक रमेश मिश्र ने उपस्थित जनता को भरोसा दिया कि उनके सुख दुख में हमेशा हम मददगार रहेंगे।

बदलापुर क्षेत्र की जनता को कभी भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। मिश्र ने कहा कि दिव्यांग उपकरण प्राप्त होने से दिव्यांगों को अपना जीवन यापन आसान बनाने में सहायता मिलेगी। अन्य सामाजिक कार्यक्रमो में सम्मिलित होने में सहायता प्राप्त होगी। इस मौके पर खुटहन के पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश सिंह, एलीमिको के जूनियर मैनेजर व अमित त्रिवेदी , जिला दिव्यांग अधिकारी सुरेश मौर्य, मुख्य राजस्व अधिकारी राजकुमार द्विवेदी, विधायक प्रतिनिधि सुरेश चौहान, प्रमुख प्रतिनिधि सोंधी, प्रमुख खुटहन बृजेश यादव , प्रमुख महराजगंज अन्य लोग मौजूद रहे।

Comments

Popular posts from this blog

डीआईजी वैभव कृष्णा की सलामी में गूंजा आरटीसी दीक्षांत परेड का गौरव, 687 नए आरक्षियों ने लिया सेवा-संकल्प

जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड इनरोलमेंट परीक्षा-2025 के दूसरे दिन जनपद के 19 परीक्षा केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया

गुजरात ने विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए रखा — कुलपति प्रो. वंदना सिंह