एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपए का इनामी बदमाश को दिन दहाड़े मारा गया


वाराणसी में एसटीएफ ने आज सोमवार की दोपहर को मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश दीपक वर्मा को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मारा गया बदमाश दीपक वर्मा बनारस सहित आसपास के जिलों में आतंक का पर्याय बन चुका था। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बरियासनपुर गांव में बदमाश और एसटीएफ के बीच चली गोलीबारी में इनामी बदमाश मारा गया है।
पुलिस बुलेटिन के अनुसार बदमाश चिकित्सकों से रंगदारी वसूलने और सराफा कारोबारियों में दहशत का दूसरा नाम दीपक वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र के रामापुर नई बस्ती का निवासी था। वह पिछले चार-पांच साल से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
वाराणसी समेत आसपास जिलों में 23 मुकदमे दर्ज थे। यूपी एसटीएफ वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी शैलेश सिंह की टीम को बदमाश के बारे में वहां होने की जानकारी हुई। टीम के पहुंचते ही दीपक ने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान मुठभेड़ में एसटीएफ ने उसे मार गिराया।
शहर के सबसे बड़े अपराधी दीपक वर्मा के मारे जाने के बाद चिकित्सकों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। चार साल पहले इसी सितंबर महीने में दीपक को गैंगवार में गोली मारी गई थी। इस बीच गैंगवार में 50 हजार का इनामी रईस बनारसी मारा गया था।
दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के पातालेश्वर इलाके में 15 सितंबर 2018 को पचास हजार का इनामी बदमाश रईस बनारसी और राकेश अग्रहरी के बीच गैंगवार हुआ था। उस समय क्रॉस फायरिंग के दौरान रईस के साथ राकेश की हत्या करने पहुंचा 25 हजार का इनामी दीपक वर्मा को भी गोली लगी थी। गोली लगने के बावजूद दीपक बाइक से घायल रईस को लेकर दालमंडी इलाके में घुसा।
दालमंडी में लंगड़ा हाफिज मस्जिद के पास जब रईस की हालत बिगड़ने लगी तो उसे मस्जिद के बाहर छोड़कर दीपक भाग निकला था। क्रॉस फायरिंग में रईस और राकेश तो ढेर हो गए लेकिन घायल दीपक बच निकला था। इसके बाद से ही दीपक की तलाश की जा रही थी।

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