डॉ मनराज शास्त्री की प्रथम स्मृति दिवस का आयोजन बड़ी संख्या में लोंगो ने दी श्रद्धान्जलि


जौनपुर । शाहगंज के गन्ना कृषक महाविद्यालय ताखा के प्राचार्य रहे डॉ मनराज शास्त्री मनुवाद के मुखर आलोचक थे। ऐसा इसलिए भी था कि वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान व संस्कृत से ही पीएचडी किये थे इसलिए वे संस्कृत में लिखी गयी बहुजन विरोधी बातों को बेहतर ढंग से समझते थे।
डा मनराज शास्त्री जी का विगत वर्ष 16 अप्रैल 2021 को कोरोना से परिनिर्वाण हो गया। कोरोना के कारण पिछले साल उनकी स्मृति में कोई कार्यक्रम नहीं हो सका लिहाजा इस वर्ष उनके पुत्र राजेश यादव जी व पुत्रबधू सीमा जी ने स्मृतिदिवस मनाने का निर्णय ले सोशल मीडिया पर भी इसकी सूचना प्रसारित कर दी जिसके बाद डा मनराज शास्त्री को चाहने वाले सैकड़ो बुद्धिजीवी उनके स्मृतिदिवस पर उपस्थित हो उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनसे जुड़े संस्मरण व वाकयात सुनाए, बताए व कई-कई बार रुलाये।
वे बुद्धि, विवेक, तर्कशीलता के भण्डार थे बहुजन समाज के लोग उनसे बहुत कुछ सीखते थे पर दुःखद कि कोरोना ने उनकी जान ले ली।
डॉ मनराज शास्त्री जी के स्मृतिदिवस बोलते हुए अनेक बहुजन विद्वानों ने कहा कि डॉ मनराज शास्त्री जी पूर्ण रूप से मनुवादी रीति-नीति के विरोधी थे। उन्हें सही मायने में याद करने का मतलब व मकसद तभी पूर्ण होगा जब हम यहां से यह संकल्प लेकर जांय कि आगे से हम कोई भी पाखण्डवादी क्रियाकलाप नही अपनाएंगे।
डॉ मनराज शास्त्री के स्मृति दिवस के अवसर पर संविधान की उद्देशिका का प्रार्थना के रूप में बी आर विप्लवी जी द्वारा समस्त समूह से पाठ कराया गया, डॉ. शास्त्री जी के विचारों पर जो उनके फेसबुक पेज पर उपलब्ध है को संकलित कर  "विचार प्रवाह" के रूप में 150 पृष्ठों की एक पुस्तककाकार "विचार प्रवाह - डॉ मनराज शास्त्री"  का  संपादन डॉ लाल रत्नाकर ने किया है इस अवसर पर आए हुए अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।
उनके बताएं और दिखाएं हुए रास्तों पर चलने के लिए तमाम लोगों ने दृढ़ संकल्प लिया।
इस अवसर पर डा. लाल रत्नाकर जी ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया  जिन प्रमुख विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त उनमें लखनऊ से पधारे साहित्यकार एवं गजलकार भारतीय रेलवे की सेवा से सेवानिवृत्त श्री वी आर विप्लवी जी (आई आर एस ) राम आश्चर्य यादव, राजाराम यादव, चंद्रभूषण सिंह यादव, (देवरिया) डॉ वीरेंद्र विक्रम सिंह, कौशलेंद्र प्रताप यादव जी आरटीओ (वाराणसी), कृपाशंकर यादव जी ( डायरेक्टर दूरदर्शन ) रायपुर छत्तीसगढ़, लोकगायक डा मन्नू यादव जी, हरिनाथ यादव जी आदि विद्वान गणों सहित छतीसगढ़, दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ आदि जगहों से उनके चाहने वालों ने उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उनके पुत्र राजेश यादव एवं  पुत्रवधू श्रीमती सीमा यादव ने यह संकल्प लिया कि पिताजी के बताए हुए रास्ते पर हम निरंतर चलेंगे क्योंकि हमें विश्वास है कि हमारा समाज उनके विचारों से प्रभावित है हमारी कोशिश होगी हम आपके साथ उनके विचारों को आगे ले जाने के लिए संकल्प व्यक्त किया है हम निरंतर प्रभावी तरीके से उस पर आगे बढ़ता रहूंगा।

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