गजब- चुनाव में पुलिस वालों को मृतक हिस्ट्रीशीटरो से भी शान्ति भंग का खतरा


ये बात जानकर आप हैरानी में पड़ सकते हैं कि पुलिसवाले समय-समय पर जिन हिस्ट्रीशीटर्स को जिंदा बताकर अपने अफसरों को शांतिभंग की आशंका में रिपोर्ट देते रहे, उनमें से कई को मरे सालों हो चुके हैं। शासन के निर्देश पर जब ऐसे गायब हिस्ट्रीशीटर्स का सत्यापन हुआ तो मामले का खुलासा हुआ। अब इस मामले में जांच हो रही है कि आखिर किस स्तर पर जांच में लापरवाही से ऐसा हुआ है।
विधान सभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच पुलिस भी चुनाव में खलल डालने वालों पर पैनी नजर जमाए हुए है। बड़ी संख्या में अपराधियों को पाबंद किया गया है। बड़ी संख्या में लापता हिस्ट्रीशीटर पुलिस के लिए सिर दर्द बने हुए थे। ऐेसे में जब एडीजी राजकुमार ने जोन भर से लापता 2027 हिस्ट्रीशीटरों का सौ प्रतिशत सत्यापन कराया तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि जोन में पुलिसकर्मी 62 ऐसे हिस्ट्रीशीटरों को लेकर गैर प्रांत, बुजुर्ग या लापता होने की रिपोर्ट देते रहे जिनकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी है। ये सभी हिस्ट्रीशीटर पुलिस के रिकॉर्ड में चुनाव के लिए खतरा बने हुए थे। एडीजी ने ये आंकड़े सामने आने के बाद जांच के निर्देश दिए हैं ताकि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा सके।


जिला     मृत हिस्ट्रीशीटरों की संख्या 
अमरोहा        05
बिजनौर         04
मुरादाबाद        15
रामपुर           01
संभल           08
बरेली           10
बदायूं           05
पीलीभीत        11
शाहजहांपुर       03
..........................
कुल            62
जोन में 13808 वर्तमान में हिस्ट्रीशीटर सक्रिय 
2027 सालों से पुलिस रिकार्ड से चल रहे थे लापता
774 के बारे में पुलिस को प्रमाणिक जानकारी हुई
62 की सत्यापन के दौरान मौत होने की पुष्टि हुई
23 विभिन्न अभियोगों में अलग-अलग जेलों में बंद 
128 अपने पते पर सत्यापन के दौरान मौजूद मिले 
341 सत्यापन के दौरान गैर प्रांत में होने की हुई पुष्टि 
130 गैर जनपद होने का हुआ खुलासा 
90 हिस्ट्रीशीटर दूसरे थाना क्षेत्रों में होने की हुई पुष्टि


एडीजी राजकुमार ने बताया कि पूरे जोन से 2027 हिस्ट्रीशीटर पुलिस रिकॉर्ड से लापता चल रहे थे। सभी का सौ प्रतिशत सत्यापन कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान 62 हिस्ट्रीशीटरों के मृत पाए जाने की पुष्टि हुई। 23 लापता हिस्ट्रीशीटर अलग-अलग अभियोग में जेलों में बंद होने की पुष्टि हुई है। गलत रिपोर्ट भेजने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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