गणित का प्रयोग जीव विज्ञान की सस्टेनेबिलिटी में महत्वपूर्ण : श्रीमथी


पांच दिवसीय कार्यशाला में इंसुलिन पर हुई चर्चा

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर और गुरु नानक कॉलेज चेन्नई के संयुक्त तत्वावधान में पांच दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन वर्कशॉप के चौथे दिन मंगलवार को  इंसुलिन पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर पीयू के प्रोफेसर राजेश शर्मा कहा कि इंसुलिन सबसे बड़ा रिकाम्बनेंट उत्पाद है जो कि औद्योगिक स्तर पर उत्पादित किया जा रहा है। उन्होंने फर्मेंटेशन तथा उत्पादों के निष्कर्षण (सुद्धिकरण) पर भी विस्तार से चर्चा की।
गुरुनानक कॉलेज चेन्नई की एसोसिएट प्रोफेसर श्रीमथी ने गणित के उपयोग को जीव विज्ञान की सस्टेनेबिलिटी में महत्वपूर्ण बताया और फजी के मॉडल को विस्तार से प्रस्तुत किया।
 कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन गुरु नानक कॉलेज चेन्नई की कार्यशाला आयोजक और समन्वयक डॉ.डॉली ने किया।
इस अवसर पर प्रो.रामनारायण, डॉ. नूरजहां, प्रो.प्रदीप कुमार, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ. मनोज कुमार पांडेय, डॉ.एसपी तिवारी, ऋषि श्रीवास्तव, डॉ.एमजी रघुनाथन, मनजीत सिंह नय्यर, डॉ. प्रभाकर सिंह, डॉ विवेक कुमार पांडेय, डॉक्टर सुधीर उपाध्याय आदि प्रतिभाग कर रहे थे।

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