वाहनो का फर्जी कागजात बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश सरगना चढ़ा एसटीएफ के हत्थे, मुकदमा दर्ज गये जेल


जनपद चंदौली की पुलिस ने सैयदराजा थाना क्षेत्र के नौबतपुर में वाहनों के फर्जी कागजात बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हो गया। एसटीएफ ने नौबतपुर से गिरोह के सरगना सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से फर्जी कागजात बनाने के सभी उपकरण बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के वाराणसी इकाई के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ दिनों से फर्जी ढ़ंग से ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों का रजिस्ट्रेशन पेपर बनाने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रहीं थी। जिसके बाद टीम गठित कर इसकी जांच की जा रही थी। बीतो रात एसटीएफ की टीम चंदौली में मौजूद थी कि उसे विश्वस्त सूत्र से सूचना मिली कि फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पेपर बनाने वाले गैंग के सदस्य सैयदराजा थाना के फुटिया नौबतपुर में मौजूद हैं। एसटीएफ ने तत्काल पहुंचकर दो लोगों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला कि पकड़ा गया आरोपी प्रमोद कुमार चौधरी उर्फ चिन्टू इस गैंग का सरगना है। इसका एक अन्तर्राज्यीय गैंग है, जो उत्तर प्रदेश सहित बिहार, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाण आदि राज्यों में सक्रिय है। प्रमोद कुमार चौधरी अपने गैंग के अश्वनी यादव उर्फ मन्टू निवासी यादव बस्ती, नौबतपुर थाना सैयदराजा और इबरार अली निवासी खजुरा, थाना दुर्गावती, जिला-कैमूर, बिहार के साथ पहले ही फर्जी कागजात बनाने के मुकदमें में गुजरात के पाटन जिले में जेल जा चुका है। यह सभी कुछ समय पूर्व ही जेल से जमानत पर छूट कर आये थे। जेल से छूटकर आने के बाद प्रमोद कुमार चौधरी उर्फ चिन्टू अपने फुटिया नौबतपुर स्थित घर पर ही फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पेपर बनाने के लिए कम्प्यूटर, कलर प्रिन्टर व मशीन लगा रखा था और अपने साथियों के साथ मिलकर इसमें सक्रिय था। गिरफ्तार प्रमोद चौधरी और इबरार अली को सैयदराजा पुलिस को सौंप दिया गया। आगे की कार्रवाई सैयदराजा पुलिस करेगी। सैयदराजा इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि एसटीएफ की ओर से अभियुक्तों को सौंपा जा रहा है। उसके बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कलर प्रिंटर, पांच कार्ड बनाने वाली मशीन, दो की बोर्ड, 32 फर्जी डीएल और आरसी, छह अर्ध निर्मित डीएल, 72 स्मार्ट सादा कार्ड, दो फर्जी वाहनों के रजिस्ट्रेशन पेपर, 405 वाहनों का रजिस्ट्रेशन पेपर बनाने वाला सादा पेपर, दो मोबाइल फोन और 2100 रुपये नकद बरामद हुए।
एसडीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों में वाहनों के रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए जिस स्मार्ट कार्ड का प्रयोग किया जाता है, उससे मिलता-जुलता सादा स्मार्ट कार्ड तैयार कर लेते थे। इसे कंप्यूटर और प्रिंटर के माध्यम से दो से तीन हजार में कागजात बनाकर दे देते थे। शनिवार को भी वे फर्जी कागजात बना रहे थे कि एसटीएफ ने पकड़ लिया।

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