जेल में माफिया अतीक अहमद को झाड़ू लगाने और भैंस धोने का मिला काम, रोज की दिहाड़ी मिलेगी 25 रूपये


प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट से सजा पाने के बाद अब  साबरमती की जेल में फिर पहुंचे माफिया अतीक अहमद को जेल में काम करना होगा। जेल प्रशासन के अनुसार साबरमती सेंट्रल जेल में बंद माफिया अतीक अहमद झाड़ू लगाने के साथ भैंसें धोएगा। इसके लिए उसे प्रतिदिन 25 रुपये भी मिलेंगे। उसे उमेश पाल अपहरण मामले में सश्रम उम्रकैद की सजा हुई है। अतीक जेल में कैदी नंबर 17052 है। झाड़ू लगाने और भैंसें धोने के साथ ही उसे बढ़ई का काम भी करना होगा। इसके साथ ही खेती भी करनी होगी और अन्य मवेशियों का भी ध्यान रखना होगा।
अतीक को कैदियों वाले दो जोड़ी कपड़े दिए गए हैं। इसमें सफेद कुर्ता, पैजामा, टोपी और गमछा भी शामिल है। अतीक का बैंक खाता भी खोल दिया गया है, जिसमें उसे दिहाड़ी के तौर पर मिलने वाले 25 रुपये जमा कराए जाएंगे। अतीक को जेल में अकुशल कारीगर की श्रेणी में रखा गया है। अगर उसे कुशल कारीगर की श्रेणी में रखा जाता तो 40 रुपये दिहाड़ी मिलती। उसे जेल का खाना भी खाना पड़ रहा है।
बता दे कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद को उमेश पाल अपहरण केस में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया था। उसे एमपीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया था, जहां अतीक अहमद, उसके वकील खान सौलत हनीफ और उसके गुर्गे दिनेश पासी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। साथ ही उसके भाई अशरफ सहित सात लोगों को कोर्ट ने बरी कर दिया था।

विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह रहे उमेश पाल की हत्या 24 फरवरी 2023 को कर धूमनगंज के सुलेमसराय में उनके घर के सामने ही कर दी गई थी। वारदात में उमेश पाल के दो अंगरक्षक भी मारे गए थे। 25 जनवरी 2006 को उमेश पाल का अपहरण कर लिया गया था। माफिया अतीक के गुर्गे कनपटी पर पिस्टल सटाकर उन्हें चकिया स्थित दफ्तर में ले गए थे, जहां अतीक और उसके गुर्गों ने उमेश की बेरहमी से पिटाई की थी और हलफनामे पर अपने पक्ष में दस्तखत करा लिया था।
साथ ही दूसरे दिन कोर्ट में ले जाकर अपने पक्ष में बयान दर्ज करा लिया था। घटना के करीब एक साल बाद यूपी में सपा की सरकार बदलने और बसपा की सरकार के सत्ता में आने के बाद उसने अतीक, अशरफ समेत 11 लोगों के खिलाफ अपहरण कर बेरहमी से पिटाई करने, जान से मारने का प्रयास करने, बिजली का करंट लगाने आदि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें अब फैसला आया है।

Comments

Popular posts from this blog

स्वामी प्रसाद मौर्य के कार्यालय में तोड़फोड़ गोली भी चलने की खबर, पुलिस जांच पड़ताल में जुटी

सड़क चौड़ीकरण के लिए जानिए कौन कौन से मन्दिर टूटने के कगार पर ,क्या है लोक निर्माण विभाग की योजना

लोकसभा चुनाव के लिए सायंकाल पांच बजे तक मतदान का प्रतिशत यह रहा