रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा प्यार, जेल में भी गूंजी राखी की मिठास

जौनपुर। भाई-बहन के अटूट रिश्ते के प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व शनिवार को पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने सुबह से ही भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर तिलक किया और मिठाई खिलाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। घर-घर में मिठाई और उपहारों का आदान-प्रदान हुआ।

त्योहार के अवसर पर हिंदी फ़िल्मों के रक्षाबंधन पर आधारित सदाबहार गीत भी खूब सुनाई दिए। 1974 में रिलीज़ हुई फ़िल्म रेशम की डोरी का मशहूर गीत "बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है" आज भी लोगों के दिलों में उसी भावुकता के साथ गूंजता है। शैलेंद्र के लिखे इस गीत को सुमन कल्याणपुर की आवाज़ और शंकर-जयकिशन के संगीत ने अमर बना दिया। गीत की पंक्तियां भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और अटूट बंधन की सजीव तस्वीर पेश करती हैं।

रक्षाबंधन की खुशी जिला कारागार में भी देखने को मिली। बहनें जेल के अंदर जाकर अपने कैदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधती रहीं और उन्हें मिठाई खिलाई। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं राखी लेकर जेल परिसर में अपनी बारी का इंतजार करती दिखाई दीं।

जिले में हर ओर उत्साह, अपनापन और भाई-बहन के स्नेह की मिठास का माहौल रहा। रेशम की डोर ने रिश्तों को और मजबूती से बांध दिया।

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