करंजाकला में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष मेडिकल असेसमेंट कैंप


66 बच्चों का हुआ पंजीकरण, 52 को मिला यू-डीआईडी कार्ड, अब तक 21 ब्लॉकों में 925 का परीक्षण

जौनपुर। दिव्यांग बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से बीआरसी करंजाकला परिसर में विशेष मेडिकल असेसमेंट कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल के सौजन्य एवं खंड शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार यादव की देखरेख में संपन्न हुआ।

कैंप में कुल 66 दिव्यांग बच्चों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 52 बच्चों को यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यू-डीआईडी) कार्ड प्रदान किया गया। यह कार्ड बच्चों को भविष्य में शिक्षा, सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और दिव्यांग कोटे के अंतर्गत मिलने वाले लाभ दिलाने में सहायक होगा।

जिलेभर में अब तक 925 बच्चों का परीक्षण

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले के 21 ब्लॉकों में अब तक 925 बच्चों का परीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 741 बच्चों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रमाणपत्र बच्चों को सामाजिक व शैक्षणिक अवसरों में बराबरी दिलाने का सशक्त साधन बनेगा।

विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्पेशल एजुकेटरों का योगदान

कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने दिव्यांग बच्चों की जांच की। इसमें हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. निधि, मानसिक रोग विशेषज्ञ राम प्रकाश पाल और फिजियोथेरेपिस्ट पी.डी. तिवारी शामिल रहे।
वहीं, स्पेशल एजुकेटर दुष्यंत सिंह, संतोष मिश्र, किरण पांडेय और सुषमा ने भी परीक्षण व मार्गदर्शन कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

शिक्षा विभाग की सराहनीय पहल

डॉ. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि “दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। मेडिकल असेसमेंट कैंप उनके आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में ठोस कदम है।”
स्थानीय अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कैंप उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

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