कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेंट और जीआई पर हुई कार्यशाला


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट सेल (आईपीआर)की ओर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के अंतिम दिन आईपीआर, जी आई, कापीराइट और ट्रेडमार्क पर चर्चा हुई। बतौर मुख्य अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रो. दिनेश यादव ‌ने इनोवेशन से आईपीआर को कैसे जोड़ेंगे, इस पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इस संबंध में भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। किसान अपने पौधे की वैरायटी का संरक्षण किस प्रकार से करेंगे इस पर भी उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ज्योग्राफिकल इंडिकेशन, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क के फार्मूले, डिजाइन की प्रैक्टिस पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही इसके व्यवहारिक और कानूनी पहलुओं के बारे में भी विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पीयू विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर राम नारायण ने कहा कि आईपीआर की जागरूकता के लिए गांव और ब्लॉक स्तर पर भी प्रयास होना चाहिए। जानकारी के अभाव में हमारे देसी नुस्खे दूसरे लोग चोरी कर उसका लाभ प्राप्त कर लेते हैं lइसकी प्रक्रिया पता न होने के कारण इनोवेशन और शोध करने वाले असमंजस में रहते हैं।

स्वागत भाषण डॉ रामनरेश यादव  ने किया। संचालन कार्यक्रम के सह संयोजक डॉ राजकुमार और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के संयोजक डॉ मनीष कुमार गुप्ता ने किया।

 इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो राजेश शर्मा, डॉक्टर रामनरेश यादव, डॉ एस पी तिवारी, डॉ सुधांशु यादव श्री कृष्ण कुमार यादव,  डॉ. प्रमोद यादव,  डॉक्टर संजीव गंगवार,  डॉ.सुनील कुमार, डॉ. रसिकेश, डॉ. रंजना सिंह, सोनम झा,  डॉ.पुनीत धवन, ऋषि श्रीवास्तव, अरुण कुमार मौर्य,  डॉ. स्वाति जैन, डॉ. प्रशांत अंकुर जैन,  मधुमिता सिंह, डॉ जितेंद्र कुमार, आकांक्षा राय, जितेंद्र कुमार आदि ने प्रतिभाग किया।  


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रातः काल तड़तड़ाई गोलियां, बदमाशों ने अखिलेश यादव की कर दिया हत्या,ग्रामीण जनों में घटना को लेकर गुस्सा

आज से लगातार 08 दिनों तक बैंक रहेंगे बन्द जानें इस माह में कितने दिवस होगे काम काज

यूपी के गांव में जमीनी विवाद खत्म करने के सरकार ने बनायी यह योजना,नहीं होगी मुकदमें की नौबत