उमानाथ सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन के साथ किया समाज की सेवा- गिरीश चन्द यादव



जौनपुर। टीडी पीजी कॉलेज के प्रबन्धक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री पद पर आसीन रहे स्व. उमानाथ सिंह की 28वीं पूण्यतिथि पर उमानाथ सिंह स्मृति सेवा संस्थान के तत्वाधान में आयोजित श्रद्धान्जलि समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के खेल युवा कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश चन्द यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व उमानाथ सिंह जी राष्ट्र एवं समाज के लिए समर्पित जनसेवी व्यक्ति रहे।
राज्य मंत्री श्री यादव ने कहा कि आजादी के बाद देश में अनेक विचारधाराएं चल रही थी परंतु उमानाथ सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन को स्वीकार किया और उसी पर चलते हुए देश और समाज की सेवा किया तथा प्रदेश सरकार के हिस्सा भी बने थे।


राज्यमंत्री ने कहाकि आज सरकार उनके सपनों को सकार करते हुए गरीबों को रहने के लिए छत प्रदान कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उमानाथ सिंह स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज का निर्माण अतिशीघ्र पूरा हो जायेगा। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी ने कहाकि राजनीति, समाजसेवा के क्षेत्र में जो लकीर उमानाथ सिंह ने खीचीं, उसे छोटा कर पाना संभव नहीं।आज समाज में, हमारे संस्कारों में जो गिरावट आयी है उससे उबरने के लिये उमानाथ सिंह के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिये।
बदलापुर विधायक रमेशचन्द्र मिश्र ने कहाकि देश में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सर्वमान्य नेता रहे तो जनपद में उमानाथ सिंह ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया। आज सरकार उनकी स्मृति को संजोने के लिये विभिन्न संस्थानों का नामकरण उमानाथ सिंह के नाम पर कर रही है।प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति एक काजल की एक कोठरी है। इसमें से बेदाग होकर निकल पाना अत्यंत कठिन है, परंतु पूर्व मंत्री स्व उमानाथ सिंह लंबे समय तक राजनीति में रहने के बाद भी निष्कलंक रहे। आज की पीढ़ी को उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिये।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे उ.प्र. लोक सेवा आयोग के सदस्य डा. आरएन त्रिपाठी ने कहाकि उमानाथ सिंह में उनके नाम के अनुरूप उदारता और सहजता थी। जनता की करूण पुकार सुनकर वे अस्वस्थ होते हुए भी घर से कर्तव्य पथ पर चल पड़े और उन्होंने मृत्यु का वरण किया।
वक्ताओ में मुख्य रूप से पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह, सभाजीत द्विवेदी प्रखर, बशिष्ठ नाराण सिंह, वीरेन्द्र सिंह एडवोकेट,भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ईश्वरदेव सिंह, आदि रहे और पूर्व मंत्री स्व उमानाथ सिंह के जीवन वृत्ति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियेां को पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम् देकर सम्मानित किया गया। स्व. उमानाथ सिंह के चित्र पर लोगो ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की पत्रिका मंथन का विमोचन किया गया। उक्त अवसर पर पूर्व सांसद केपी सिंह, डा. धर्मराज सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रहृमदेव मिश्र, भाजपा नेता सुधाकर उपाध्याय, प्राचार्य डा. विनय कुमार सिंह, डा. राजीव रतन सिंह, डा. देवेन्द्र सिंह, दुष्यंत सिंह एडवोकेट, काली प्रसाद सिंह, अरविंद सिंह, शिक्षक नेता संतोष सिंह, डा. हरिओम त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. समरबहादुर सिंह तथा आभार ज्ञापन उमानाथ सिंह स्मृति सेवा संस्थान के सचिव एवं तिलकधारी महाविद्यालय के प्रबंधक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने किया।

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