राज्यपाल ने नैक मूल्यांकन में ‘ए प्लस ग्रेड‘ प्राप्त पूर्वांचल विश्वविद्यालय को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित

विश्वविद्यालय की टीम अपने नैक तैयारी के अनुभवों पर पुस्तक बनाएं,भारत की सांस्कृतिक विशेषताओं को सहेजकर विद्यार्थियों को आगे बढ़ना सिखाएं, गरीब बच्चों और महिलाओं की शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यों से विद्यार्थियों को जोड़े

जौनपुर। प्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार   राजभवन लखनऊ में नैक मूल्यांकन में ‘ए प्लस‘ ग्रेड प्राप्त वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को उनकी इस उपलब्धि के लिए प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर राज्यपाल ने टीम के सभी सदस्यों के साथ बैठक कर क्राइटेरिया वाइज नैक तैयारियों के अनुभव, तैयारियों के दौरान कार्य को पूरा करने में आई चुनौतियों, कार्य आधिक्य के कारण हुई पारिवारिक दिक्कतों के बारे में जाना । उन्होंने प्रत्येक क्राइटेरिया में टीम के सदस्यों से सर्वोच्च ग्रेड ‘ए प्लस प्लस‘ हेतु निर्धारित अंक में कम हुए अंकों के कारणों पर भी समीक्षा की।


चर्चा के दौरान राज्यपाल ने टीम के सदस्यों को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि विश्वविद्यालय ने मूल्यांकनों के लिए दो बार पियर टीम के भ्रमण का अनुभव अर्जित किया है। इसलिए टीम के सभी सदस्य अपने नैक तैयारी के अनुभवों पर एक पुस्तक अवश्य बनाएं। उन्होंने कहा कि नैक ग्रेडिंग के बाद से लोगों में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रति दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई काम शुरू करना हो तो पहले काम को समझिए और फिर प्लान बनाकर उस कार्य को आगे बढ़ाइए।
इसी क्रम में राज्यपाल ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को पश्चिमी देशों की शिक्षा व्यवस्था से बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों का महत्व अधिक है। विदेशों में संस्कार नहीं है, संवेदनशीलता नहीं है। भारत में इनका अत्याधिक महत्व है। भारत की सांस्कृतिक  विशेषताओं को सहेजकर विद्यार्थियों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति के लिए शिक्षकों को अधिक समय तक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक और विद्यार्थी विश्वविद्यालय परिसर की स्वयं सफाई भी करें।
 राज्यपाल ने बैठक में विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को झोपड़पट्टी में रहने वाले गरीब, भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों और महिलाओं के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण कार्य से जोड़ने के लिए भी प्रेरित किए। उन्होंने इस दिशा में अन्य विश्वविद्यालयों में चल रहे कार्यों के उदाहरण भी दिए।
बैठक में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 वंदना सिंह ने राज्यपाल जी को जानकारी दी कि नैक की उच्च ग्रेडिंग के बाद विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के लिए बड़ी-बड़ी कम्पनियों द्वारा प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्यपाल जी ने निर्देश दिया कि यथाशीघ्र आयोजन कर प्लेसमेंट हेतु कंपनियों को आमंत्रित कर कार्यक्रम किया जाए।
आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रोफेसर मानस पांडेय ने बताया कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) द्वारा किए गए निरीक्षण एवं मूल्यांकन में 19 दिसम्बर, 2023 में घोषित परिणाम में उत्कृष्ट 3.28 सी0जी0पी0ए0 के साथ ‘ए प्लस‘ ग्रेड प्राप्त हुआ।