यूपी सरकार के मंत्री मंडल विस्तार में कई मंत्रियों के छिन सकते है विभाग



भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नढ्ढा के लखनऊ दौरे के बाद अब एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं बढ़ गयी हैं। दो दिन तक लखनऊ में सरकार और संगठन से फीड बैक लेने के बाद जेपी नढ्ढा पूरी रिपोर्ट लेकर दिल्ली चले गए। अब कहा जा रहा है कि जल्द ही वह अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखेगें। इसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।
इस पूरी रिपोर्ट में कई मंत्रियों के नाम सामने आए हैं जिसमें उनके काम काज के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं। भाजपा हाईकमान नहीं चाहता है कि यूपी विधानसभा चुनाव के पहले सरकार की छवि पर नकारात्मक असर पडे़ अभी एक साल के बचे हुए समय को देखते हुए इसमें सुधार किया जा सकता है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि संगठन में कार्य करने वालों को सत्ता में एडजस्ट किए जाने की पूरी तैयारी है। साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव और इस साल पंचायत चुनाव को देखते हुए ही मंत्रालयों में फेरबदल को लेकर सरकार और संगठन में बदलाव की तैयारी चल रही है।
विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश की योगी सरकार में यह दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। नए विधानपरिषद सदस्यों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। जिसमें सबसे आगे हाल ही में भाजपा में शामिल होकर विधानपरिषद सदस्य बनने जा रहे पूर्व आईएएस अरविन्द कुमार शर्मा का हैं।
दरअसल, पिछले साल योगी कैबिनेट के दो मंत्रियों चेतन चैहान और कमल रानी वरुण का कोरोना की वजह से निधन हो गया था। जिसके बाद से यह दोनों मंत्रिपद खाली चल रहे हैं। साथ ही कुछ मंत्रियों को उनके कमजोर कामकाज को देखते हुए उन्हे हटाकर संगठन की जिम्मदारी दी जा सकती है। चर्चा यह भी है कि नए मंत्रिमंडल में छह से सात नए चेहरों को मौका मिल सकता है। गुजरात कैडर के आईएएस रहे अरविंद शर्मा को एमएलसी चुनाव के बाद यूपी सरकार में अहम जिम्मेदारी देना तय माना जा रहा हैं। मंत्रिमंडल में अरविन्द शर्मा के अलावा लक्ष्मण आचार्य, सलिल विश्नोई को मौका दिया जा सकता है। इन तीनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी से नजदीक होने के कारण देखा जा रहा है।
अभी कुछ दिनों पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मिल चुके हैं। संभावना व्यक्त की जारही कि इसके पीछे यूपी की राजनीति और आगामी चुनाव की रूपरेखा तय करना रहा होगा। केन्द्र में प्रधानमंत्री मोदी भी अपने मंत्रिमंडल मे आरके सिंह हरदीप पुरी और एसके जयषंकर को भी शामिलकर चुके हैं।
यूपी में संख्या के आधार पर 60 मंत्रियों की संख्या हो सकती है। इस समय मंत्रिमंडल में 54 सदस्य हैं जिनमें 23 कैबिनेट 9 स्वतंत्र प्रभार तथा 22 राज्य मंत्री हैं। इससे पहले 22 अगस्त 2019 को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के पहला मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उस दौरान उनके मंत्रिमंडल में 56 सदस्य थें। इस कार्यक्रम में शपथ लेने वाले कुल 23 लोगों में 18 नए चेहरे शामिल किए गए थें।

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