शिक्षा से सर्वोपरि संसार में कुछ भी नहीं: प्रो. अजय कुमार दुबे



जौनपुर। भारतीय पुनर्वास परिषद नई दिल्ली द्वारा आयोजित ‘सतत् पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम’ (सीआरई) के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह शनिवार को रचना (ब्रांच आईआईडी) में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के डीन व टीडीपीजी कालेज बीएड विभाग के प्रो.अजय कुमार दुबे रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता टीडीपीजी कालेज से रसायन विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. अरूण कुमार चतुर्वेदी ने की।
कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए प्रो. अजय कुमार दुबे ने कहाकि तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में आप लोगों को शीघ्र हस्तक्षेप के विषय पर विस्तृत जानकारी दी गयी है जिसका सदुपयोग आप अपने कार्य क्षेत्र में कर सकते हैं। इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला निःसन्देह कुछ भी नहीं है। अध्यक्षता करते हुए प्रो. चतुर्वेदी ने सभी प्रशिक्षणार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपने कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ने को प्रेरित किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विद्यालय के प्रवक्ता डा. संतोष कुमार सिंह ने कहाकि दिव्यांगता की रोकथाम का पहला चरण होता है शीघ्र हस्तक्षेप। इसमें बच्चा मां के गर्भ में आने से पहले ही दिव्यांग होने से बच सकता है क्योंकि शीघ्र हस्तक्षेप कार्यक्रम के माध्यम से मां को गर्भ धारण करने के बारे में पर्याप्त जानकारी दी जाती है। प्रवक्ता नीरज तिवारी ने बताया कि यदि बच्चा दिव्यांग हो जाता है तो उसे शीघ्र हस्तक्षेप के माध्यम से उसके कौशलों को सामान्य बच्चे की तरह बनाया जा सकता है। प्रवक्ता सचिन कुमार यादव, गौतम चन्द्र व गुंजन मौर्या ने भी अपने विचार व्यक्त किये। संचालन व आभार नसीम अख्तर ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए कई जिलों से आये हुए प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि व कार्यक्रम अध्यक्ष ने प्रमाण पत्र वितरित किया। इस मौके पर विद्यालय के अन्य प्रवक्ता व विशेष शिक्षक मौजूद रहे।

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