चार और फर्मों के खिलाफ दर्ज होगा मुकदमा

अब तक 16 फर्मों का नाम आ चुका है जांच में सामने

जौनपुर। जिले में प्रतिबंधित कोडिनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वालों में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जिला औषधि निरीक्षक की जांच में चार और फर्मों का नाम सामने आया है। ये फर्मे दिल्ली की मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर विशाल उपाध्याय पुत्र सतपाल से जुड़कर करोड़ों का कारोबार की हैं।
विशाल अशोक विहार कॉलोनी सरसावा देहात सहारनपुर का निवासी है। जिन चार फर्मों का नाम सामने आया है उनके खिलाफ एफआईआर के लिए शनिवार को औषधि निरीक्षक रजत पांडेय ने एएसपी को तहरीर दे दी।
इस संबंध में जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया कि वान्य इंटर प्राइजेज की एक्ससेल शीट की प्रति से जांच की गई। इस जांच के दौरान विभाग के हाथ कई ठोस सबूत प्रमाण के तौर पर लगे हैं। जांच के दौरान यह पता चला की कोडिंन युक्त प्रतिबंधित कफ़ सिरप की भारी मात्रा में यहां से कारोबार हुआ है।
दिल्ली के वान्या इंटरप्राइजेज से इन फर्मों ने किया 2.61 करोड़ का कारोबार चारो फर्मों ने सौ एमएल के 1.86 लाख शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप बेचा है।
इसमें फर्म आकाश मेडिकल एजेंसी-43- चितरसारी शंकर मंडी रोड, पोस्ट-सदर कोतवाली जनपद जौनपुर के फर्म प्रोपराईटर आकाश मौर्य पुत्र कुंज लाल मौर्य निवासी ग्राम चितरसारी, शिवम मेडिकल एजेंसी गाटा संख्या 39 ग्राउण्ड पलोर, रामपुर (पदुमपुर) थाना सरायख्वाजा के प्रोपराईटर शिवम कुमार मौर्य पुत्र जय कुमार मौर्य एजेंसी 271 विशेषरपुर चौकिया निवासी जमालपुर, मनीष मेडिकल चौराहा, थाना- लाइनबाजार के प्रोपराईटर अरूण सोनकर पुत्र प्रेम चन्द्र सोनकर निवासी चितरसारी शामिल हैं। उन्होंने कोडीनयुक्त औषधियों (कुल 1,86,475 शीशी) को अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से बेचा। इसकी कीमत करीब दो करोड़ 61 लाख रुपये है।

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धंधे में जुड़े लोगों की संपत्तियों की भी होगी जांच

जौनपुर । नशे का कारोबार करके रातो रात करोड़पति बने दवा माफियाओं द्वारा जुटाए गई अरबों की संपत्ति अब शासन के विशेष जांच के दायरे में आ गई है ।
ऐसे सभी दवा कारोबारी के खिलाफ जांच के लिए जिला प्रशासन ने एसआईटी का गठन कर दिया है।
जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय तस्कर शुभम जायसवाल, जौनपुर के सुरेरी थाना अंतर्गत सिठू पुर भोड़ा निवासी
अमित सिंह टाटा पुत्र अशोक कुमार सिंह के बाद
अब नए छह दवा माफियाओं के रूप में चिन्हित होने से पूरे जिले में हड़कंप मचा है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इन सभी दवा कारोबारी की संपत्तियों की जांच कराने के बाद उसे शीघ्र ही शासन को रिपोर्ट भेजा जाएगा।
जिले में अब तक कुल 16 फर्मों का नाम सामने आ चुका है। इसमें से 12 पर पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।

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