शिक्षकों तथा छात्रों के सहभागिता से ही मूल्यपरक शिक्षा की परिकल्पना है संभव - प्रो निर्मला एस मौर्य


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय के प्रो० राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के द्वारा “नई शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में शिक्षा की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय  वेबिनार का आयोजन किया गया । जिसमे राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, हैदराबाद   के क्षेत्रीय निदेशक डॉ० आलोक कुमार गुप्ता मुख्य वक्ता रहे । वेबिनार मे देश के विभिन्न प्रांतों के 100 विद्वानों तथा छात्रों ने प्रतिभाग किया । सर्वप्रथम रज्जू भइया संस्थान के निदेशक  प्रो० देवराज सिंह ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का स्वागत किया । तत्पश्चात पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० निर्मला एस० मौर्य ने ने अपने सम्बोधन में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को मूल्यपरक शिक्षा के बारे में विस्तार से बताया । साथ ही साथ कहा की शिक्षकों तथा छात्रों के सहभागिता से ही मूल्यपरक शिक्षा की परिकल्पना संभव हो सकती है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ० आलोक कुमार गुप्ता ने नई शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं को रखा । डॉ० गुप्ता कहा की प्रारम्भिक शिक्षा मातृ भाषा मे होने तथा मल्टीपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम के होने का लाभ समाज के सभी तबकों के छात्रों को मिलेगा । साथ ही साथ नए कोर्स स्ट्रक्चर तथा नेशनल रिसर्च फ़ाउंडेशन से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा । कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकों प्रो० मानस पाण्डेय, प्रो० अविनाश डी. पाथर्डीकर, प्रो० अशोक कुमार श्रीवास्तव, डॉ० मनोज मिश्र, डॉ० गिरिधर मिश्रा, डॉ० प्रमोद कुमार यादव, डॉ० पुनीत धवन, डॉ० आलोक दास, डॉ० अन्नू त्यागी, डॉ०  रमांशु सिंह, शक्ति सिंह आदि ने प्रतिभाग किया । कार्यक्रम का संचालन तथा संयोजन डॉ० धीरेन्द्र कुमार चौधरी ने किया । बताते चले की कार्यक्रम में देश के अन्य प्रांतों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, उड़ीसा आदि से शिक्षाविदों ने भी प्रतिभाग किया।

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