छुट्टा पशुओं से किसानो के निजात का आदेश हवा में आज, झुंड में खेत चर रहे है जानवर


जौनपुर। अन्नदाताओं को बेसहारा पशुओं से निजात का फरमान हवा-हवाई है। शासन के निर्देश पर पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया, लेकिन अभी भी झुंड के झुंड पशु खेतों में पहुंचकर किसानों के अरमानों की फसल चौपट कर रहे हैं। इतना ही नहीं सभी न्याय पंचायतों में अस्थाई गो-आश्रय स्थल भी नहीं खुला। बर्बादी की कगार पर पहुंचे अन्नदाताओं का धैर्य जवाब दे रहा है।
मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश है कि बेसहारा पशु खेतों और सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए। सबको अस्थायी या स्थायी गोआश्रयों में पहुंचा दिया जाए। सरकार ने इसके लिए विस्तृत गाइड लाइन भी जारी की। शासन के निर्देश पर 21 जून को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई मासिक समीक्षा बैठक में प्रत्येक न्याय पंचायतों में एक-एक अस्थाई गोशाला खोलने और 26 जून से 17 जुलाई तक अभियान चलाकर विचरण कर रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने का निर्णय लिया गया था। मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ल ने ब्लाकवार नोडल अधिकारियों और कैटिल कैचर की उपलब्धता का रोस्टर भी जारी किया था। निर्धारित तिथि बीत गई न तो बेसहारा पशु पकड़े गए और न ही अस्थाई गो आश्रय केंद्रों का ही निर्माण हो पाया। व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में विचरण करने वाले पशु समस्या का पर्याय बने हुए हैं। यह पशु झुंड में खेतों में पहुंचकर फसल को पलभर में चट कर रहे हैं। फरियाद व शिकायत करते-करते आजिज किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है।
पशुपालन विभाग से 23 पन्नों का शासनादेश जारी किया गया और इसे सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया है। शासनादेश में कहा गया कि बेसहारा पशु सड़कों और खेतों में घूमते न पाए जाएं। बेसहारा पशुओं खासकर गोवंश को आश्रय स्थल में ले जाकर रखा जाए। गोवंश आश्रय स्थल के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित की जाए। वहां पर पानी, खाने से लेकर बिजली और चारे की व्यवस्था की जाए ताकि कोई पशु खेतों और सड़कों पर न घूम सके। तीन साल से अधिक समय बीत गए, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया।
जनपद में अभी तक 78 पशु आश्रय केंद्र खोला गया है। इन आश्रय केंद्रों में सिर्फ 9368 पशुओं को रखा गया है। 20 गो आश्रय स्थल निर्माणाधीन हैं। वहीं सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक अस्थाई गो आश्रय स्थल के लिए जमीन की तेजी से तलाश की जा रही है। केराकत के सभी ग्राम पंचायतों में जमीन चिन्हित हो गई है। शीघ्र ही किसानों को बेसहारा पशुओं से निजात मिल जाएगी। -डाक्टर राजेश कुमार, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी। 

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