पिता की विरासत संभालने और सपा को मजबूती प्रदान करते हुए समाज की सेवा जीवन का है लक्ष्य- विवेक रंजन यादव प्रदेश सचिव


जौनपुर। सियासत की दुनियां में विरासत कम ही प्रभावी नजर आती है लेकिन जनपद की सियासत में अब एक ऐसा चेहरा सक्रिय राजनीति में अपनी धमाकेदार एन्ट्री की है जो पूरे संकल्प के साथ अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए और उनके सपनो को साकार करने के अपने जीवन को राजनीति के क्षेत्र में लाकर खड़ा कर दिया है। जी हां यह नाम विवेक रंजन यादव उर्फ बबलू के नाम से जाना जाता है और सपा के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री स्व डाॅ के पी यादव के बड़े पुत्र है पिता की तरह सपा की सियासी जंग में कूदते ही प्रदेश स्तरीय जिम्मेदारी को निभाने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के विश्वास पात्र बन गये है। 
यहां बता दें कि विवेक रंजन यादव उर्फ बबलू के पिता स्व डाॅ के पी यादव सपा के बड़े नेता रहे अपने जीवन काल में शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात सपा की राजनीति शुरू किये और जीवन के अन्तिम सांस तक सपाई बने रहे। सपा शासन काल में गो सेवा आयोग के चेयरमैन के रूप में सरकार के अंग रहते हुए पार्टी को हर तरह की ताकत प्रदान करने का काम किया था। उनकी सोच और नेतृत्व का हर कोई लोहा मानता था उनमें लोंगो को जोड़ने की अद्भुत क्षमता थी। उनके निधन के बाद से ही उनके बड़े पुत्र विवेक रंजन यादव उर्फ बबलू ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और अब उस राह पर निकल भी पड़े है। 
यहां यह भी बताना जरूरी है कि विवेक रंजन यादव उर्फ बबलू पीजी तक की शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात मीडिया की दुनियां में रहकर समाज की सेवा करने के लिए पत्रकारिता की शिक्षा ग्रहण किये। अपने पिता के जीवित रहते मीडिया जनों के करीब रह कर समाज की सेवा करते हुए अपने पारिवारिक जिम्मेदारीयों का निर्वहन कर रहे थे। लेकिन समय काल परिस्थित को कौन जानता है। अचानक पिता का साया सर से हट गया। तब एक दम किं कर्तब्य बिमूढ़ की स्थिति में आये विवेक रंजन ने खुद को सम्भालते हुए पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प ले लिया। 
पिता के जुझारू तेवर पुत्र में देख कर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विवेक रंजन यादव को प्रदेश समाजवादी पार्टी का सचिव बनाने को निर्णय लेते हुए विवेक रंजन यादव उर्फ बबलू को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए लाल टोपी अधिकृत रूप से पहना दिया है। प्रदेश सचिव बनाये जाने के पश्चात विवेक रंजन यादव से मुलाकात करने पर उन्होंने पहले तो सपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया कि नेतृत्व ने हमें अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए एक राह दे दिया है। साथ ही यह भी कहा कि यह तो सपा ही कर सकती है कि पार्टी के बड़े नेता के निधनोपरान्त उसके परिवार का आंसू पोंछने के लिए किसी न किसी सदस्य को बड़ी जिम्मेदारी से नवाज कर परिवार के साथ खड़ी रहे। अब हम भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए पार्टी को हर तरह से मजबूती प्रदान करने के साथ ही 2022 में सपा की सरकार बनवाने के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करते हुए अखिलेश यादव जी को सीएम की कुर्सी पर बैठाया जायेगा। ऐसा ही हमारे स्व पिता डाॅ के पी यादव जी का भी सपना रहा। 
विवेक रंजन यादव इसके बाद भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने देश प्रदेश की जनता के साथ लगातार धोखा किया है जनता इसको अब समझने भी लगी है भाजपा के झूठ और धार्मिक आडम्बर के बहकावे में आने वाली नहीं है। जनता 2022 में बता देगी कि जनता को छलने का परिणाम क्या होता है। विवेक रंजन ने बड़े ही साफ शब्दो में कहा कि भाजपा के शासन काल के इन पांच साल में पढ़े लिखे नौजवान जितना बेरोजगारी का दंश झेल रहे है किसी भी शासन काल में ऐसा नहीं था। 
अपनी बातों के अन्त में विवेक रंजन  ने कहा कि अब जीवन का एक लक्ष्य है पिता की तरह सपा को मजबूती प्रदान करना और जनता के हितों के लिए संघर्ष करते ही रहेगा। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बाबत सवाल करने पर विवेक ने कहा हमारे जीवन का एक लक्ष्य है पिता का सपना पूरा करना और सपा के साथ रहकर समाज की सेवा करना है अब तो समाजवादी पार्टी और पूरा प्रदेश हमारा परिवार है अब हम यादव नहीं बल्कि समाज का बेटा बन गये है।

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