पीयू के प्रो०राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) संस्थान में मनाया गया विज्ञान दिवस


जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भइया संस्थान में विज्ञान दिवस मनाया गया । अपने सम्बोधन में प्रो० देवराज सिंह ने सर चन्द्रशेखर बेंकट रमन के बारे में बताते हुए ‘रमन प्रभाव’ को समझाया एवं सभी विद्यार्थियों को शुभकामनायें और आशीर्वाद दिया। तत्पश्चात छात्रों और छात्राओं ने विज्ञान, तकनीकी और नवाचार के ऊपर अपने अपने व्याख्यान दिये। सबसे पहले रुश्दा फातिमा ने ‘जीवन में  विज्ञान और तकनीक की भूमिका’’ पर अपना भाषण दिया, प्रिया यादव ने विज्ञान, तकनीकी और नवाचार पर अंग्रेजी में भाषण दिया। मनीष कुमार कुशवाहा ने विद्युत कार और ईंधन कार के बारे में बताते हुए विद्युत कार के प्रमुख फ़ायदों के बारे में बताया। अंकित मिश्रा ने “कनेक्टिंग इंडिया’ पर अपना भाषण देते हुए विज्ञान का महत्व बताया। वरुण पाण्डेय ने विज्ञान, तकनीकी एवं नवाचार पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कोविड-19 वैश्विक महामारी के बारे में विज्ञान की भूमिका को भी बताया। जयप्रकाश ने रमन जी द्वारा वैज्ञानिक खोज पर परिचर्चा की। शिवम कुमार सिंह ने ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के विभिन्न पहलुओं के बारे में संज्ञानित किया। गौरव सिंह ने विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर बात करते हुए विज्ञान और छद्मविज्ञान में विभेद करना समझाया। गरिमा श्रीवास्तव ने ग्लोबल वार्मिंग पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए इससे संबन्धित विभिन्न वैज्ञानिक समस्याओं पर प्रकाश डाला तथा संबन्धित विश्वस्तरीय विभिन्न सम्मेलनों की जानकारी देते हुए बताया की कार्बन डाइ ऑक्साइड की भूमिका वैश्विक तापमान वृद्धि में सर्वाधिक है। जमुना प्रसाद यादव ने बताया कि ट्रांसडूसर के अनुप्रयोग से ध्वनि ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में रूपांतरित किया जा सकता है। उत्कर्ष मिश्रा ने बताया की विद्युत कार से पर्यावरण को बचाया जा सकता है। अंगिता गुप्ता ने विभिन्न प्रकार की ऊर्जाओं के बारे में बताया। अमन सिंह ने साधारण कंप्युटर और क्वांटम कंप्युटर में विभेद करते हुए समझाया की कैसे निकट भविष्य क्वांटम कंप्युटर तकनीकी के विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति ला देगा। शिवम तिवारी ‘सूचना एवं संचार तकनीकी’ पर बोलते हुए इस तकनीकी का सूचना प्रद्योगिकी में अनुप्रयोग पर चर्चा की। शालिनी वर्मा ने वैक्सीन (टीका) का महत्व बताते हुए टीकाकरण के बारे में बताया तथा कोविड 19 पर भी चर्चा की। आशीष यादव ने अतिचालकता (superconductivity) के ऊपर अपने विचार व्यक्त किए। आदर्श यादव ने दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व को बताया। प्रियांशी यादव ने याद दिलाया की विज्ञान में रमन जी के बाद भारत को नोबेल पुरस्कार न मिलना चिंताजनक है। व्यक्ति का विकास विज्ञान के विकास पर निर्भर होता है। नवाचार के  विचार विद्यार्थियों को सोचना चाहिए। अश्वनी मिश्रा ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बोलते हुए रमन प्रभाव को समझाया। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ० धीरेंद्र कुमार चौधरी ने विज्ञान दिवस पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए विज्ञान और नई तकनीक के बारे में सोचने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। 
भाषण प्रतियोगिता में उत्कर्ष मिश्रा को प्रथम, प्रियांशी यादव को द्वितीय और अमन सिंह को तृतीय पुरस्कार मिला। पोस्टर प्रतियोगिता में पीयूष कुमार पांडे को प्रथम, शिवानी श्रीवास्तव को द्वितीय एवं प्रिया यादव को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर प्रो० देवराज सिंह, डॉ० गिरिधर मिश्रा, डॉ० पुनीत कुमार धवन, डॉ० धीरेंद्र कुमार चौधरी, डॉ० शक्ति प्रताप सिंह और शक्ति यादव उपस्थित रहे।कार्यक्रम के संयोजक  रामांशु प्रभाकर सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभा मे उपस्थित प्राध्यापकों, विद्यार्थी गण का स्वागत किया। 

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