प्रोबेशन का बाबू कर गया करोड़ों का घोटाला अब पहुंचा सलाखों के पीछे



जिला प्रोबेशन कार्यालय संतकबीरनगर के किशोर न्याय बोर्ड में बतौर लिपिक तैनात गौरव कुमार सिंह को शनिवार को बस्ती कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बस्ती में तैनाती के दौरान 4.83 करोड़ की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद उसे निलंबित किया गया था। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बस्ती कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।

जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय बस्ती में तैनाती के दौरान लिपिक गौरव कुमार सिंह के खिलाफ जिला प्रोबेशन अधिकारी ने तहरीर दी थी। इसके मुताबिक कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत गौरव चार करोड़ 83 लाख 99 हजार 73 रुपये की अनियमितता व अन्य आरोपों के चलते 7 फरवरी 2020 को निलंबित कर उप निदेशक गोरखपुर मंडल कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। निलंबन के बाद कार्यालय का चार्ज बिना स्थानांतरित कराए कार्यालय में रखी अलमारियों की चाबी लेकर चला गया। इससे कार्यालय का पूरा कामकाज ही बाधित हो गया था।

जिला प्रोबेशन अधिकारी ने प्रकरण से डीएम  को अवगत कराया। डीएम स्तर से त्रिस्तरीय कमेटी गठित की गई, जिसके सदस्यों की मौजूदगी में आलमारी का ताला तोड़कर अंदर रखे अभिलेखों की फर्द तैयार कराई गई थी। अलमारी से वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक के अभिलेख व पत्रावलियां नहीं मिलीं। इसके लिए निलंबित कर्मचारी गौरव सिंह से पत्राचार किया गया, लेकिन पत्रावली व अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया था।

आरोप है कि वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने व हेराफेरी करने के मकसद से पत्रावली व अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। सरकारी अभिलेखों के अपहरण व सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कोतवाली में आईपीसी की धारा 409 के तहत कोतवाली में जून, 2020 में मुकदमा दर्ज हुआ था। बहाल होने के बाद इस मुकदमे में आरोपी लिपिक गौरव को संतकबीरनगर के किशोर न्याय बोर्ड में तैनाती दे दी गई थी। कोतवाल रामपाल यादव ने बताया कि एसएसआई अरविन्द शाही की टीम ने आरोपी गौरव कुमार सिंह को कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया अब उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मुम्बई से आकर बदलापुर थाने में बैठी प्रेमिका, पुलिस को प्रेमी से मिलाने की दी तहरीर, पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप

आइए जानते है कहां पर बारिश के दौरान आकाश से गिरी मछलियां, ग्रामीण रहे भौचक

पूर्वांचल की राजनीति का एक किला आज और ढहा, सुखदेव राजभर का हुआ निधन