आरएसकेडी पीजी कॉलेज में राजा यादवेन्द्र दत्त की 22वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह



जौनपुर । राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कॉलेज में स्व0 राजा यावदेन्द्र दत्त दूबे की 22वीं पुण्यतिथि मनायी गयी। प्राचार्य कैप्टन डाॅ0 अखिलेश्वर शुक्ला, मुख्य अतिथि प्रवीण कुमार मिश्र, जनसम्पर्क अधिकारी, उपमुख्यमंत्री, उ0प्र0 शासन ने राजा साहब के प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने राजा साहब के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्वांजलि दिया। प्राध्यापक डाॅ0 रजनीकांत द्विवेदी, डाॅ0 गंगाधर शुक्ला एवं डाॅ0 मृत्युन्जय मिश्रा ने सस्वर शांति पाठ किया।
श्रद्वांजलि समारोह के मुख्य अतिथि प्रवीण कुमार मिश्रा ने कहाकि राजा साहब से हमारा तीन पीढ़ी पुराना संबंध रहा हैं, एक बार राजा साहब ने महाविद्यालय के कुछ विषयों की मान्यता प्राप्त करने हेतु एक पत्र स्व0 कल्याण सिंह जी के पास भेजा तो, उन्होनों उस पत्र को अपने माथे से लगाया और फिर मुझे पता चला कि स्व0 कल्याण सिंह जी राजा साहब के निजी सचिव थे। राजा साहब को याद करते हुए कहाकि आप समय पालन के प्रति समर्पित थे। आप स्वाध्यायी विद्या अनुरागी, और जनता के हितैषी थे। आप सर्वगुण सम्पन्न और सच्चे महापुरूष थे। आज भी राजा साहब का नाम लोग बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। राजा साहब के व्यक्त्तिव को नई पीढ़ी को बताने का उत्तरदायित्व हमारा है।
डाॅ0 बृजेश यदुवंशी, पूर्व छात्र एवं साहित्यकार ने बताया कि उ0प्र0 सरकार द्वारा जनपद में राजा यादवेन्द्र दत्त दूबे जी के नाम से बनने वाला सेतु उनके व्यत्तिव के अपेक्षा एक अदना सा उपहार है, मेरा उ0प्र0 सरकार से आग्रह है कि जनपद जौनपुर में नवनिर्मित मेडिकल कालेज, का नाम राजा यादवेन्द्र दत्त दूबे (राजा साहब) के नाम पर करना ही जनपद की तरफ से एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्रद्धांजलि संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य कैप्टन डाॅ0 अखिलेश्वर शुक्ला ने बताया कि जौनपुर रियासत के ग्यारहवें नरेश राजा श्री यादवेन्द्र दत्त का जन्म बिक्रमी सम्बत १९७५ के मार्गशीर्ष (अगहन) शुक्लपक्ष चतुर्थी (सन-1918) को जौनपुर राजमहल में  हुआ था। राजा श्री यादवेन्द्र दत्त भारतीय जनसंघ व भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे, तीन बार विधायक, नेता विरोधी दल व दो बार चुने गए सांसद। राजनीति के पुरोधा जौनपुर के राजा यादवेंद्र दत्त दुबे की आज पुण्यतिथि है। नौ सितंबर 1999 को इस दुनियां में अपने नश्वर शरीर को छोड़कर जाने वाले इस राजनीतिज्ञ को दो दशक से अधिक समय हो गए हैं, लेकिन आज भी उनकी यादें लोगों के बीच ताजा हैं। वे जौनपुर रियासत के 11 वें एवं अंतिम राजा थे।


वह जनसंघ व भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उत्तर प्रदेश के आरएसएस के प्रभारी रहे। उत्तर प्रदेश की विधानसभा में नेता विरोधी दल भी रहे। उनके राजनीतिक कद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता हैं कि उनके सामने अटल बिहारी वाजपेयी सम्मान में बैठते तक नहीं थे। महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने राजा साहब की पुरानी यादों के माध्यम से उनको याद करके अपनी श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा में अतिथि के रूप में ऋषिकेश द्विवेदी, प्रबंधक, ऋषिकुल एकेडमी, डाॅ0 संजय कुमार चैबे, प्रधानाचार्य, गोविन्द वल्लभ पंत इण्टर कालेज, जौनपुर, एवं डाॅ0 मयानन्द उपाध्याय, डाॅ0 अवधेश कुमार द्विवेदी, डाॅ0 मनोज वत्स, अखिलेश कुमार गौतम, डाॅ0 विजय प्रताप तिवारी, डाॅ0 राजेन्द्र सिंह, डाॅ0 ओमप्रकाश दुबे, डाॅ0 श्यामसुन्दर उपाध्याय, डाॅ0 आशीष शुक्ला, डाॅ0, डा0 सुधाकर शुक्ला, डाॅ0 गोलोकजा कृष्ण द्विवेदी, डाॅ0 राजेश तिवारी, डाॅ0 धर्म कुमार साहू, डाॅ0 सुशील कुमार गुप्ता, डाॅ0 अजय मिश्रा, डाॅ0 विवेक कुमार, सुधाकर शुक्ला, डाॅ0 सुधा सिंह, डाॅ0 सुनीता गुप्ता, डाॅ0 रागिनी राय, डाॅ0 गगनप्रीत कौर, डाॅ0 नमिता श्रीवास्तव, सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।
   

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