प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव,महिला की मौत,डाक्टर छोड़कर भागे, अब मामला पुलिस में,सीएमओ ने दिया जांच का आदेश


जौनपुर। थाना कोतवाली मड़ियाहूं अंतर्गत मिश्राना मोहल्ला निवासी ललिता मौर्या पत्नी अजय कुमार मौर्य की प्रसव के दौरान सोमवार की रात मौत हो गई। इसके बाद चिकित्सक शव को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। इस मामले की जांच का आदेश सीएमओ लक्ष्मी सिंह ने मड़ियाहूं सीएससी के अधीक्षक को दिया है।
महिला के पति रोजी रोजगार सिलसिले मैं मुंबई रहते हैं। वह अपने मायके ग्राम गहलाई थाना बरसठी में रह रही थी। सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर गांव में ही स्थित महिला चिकित्सक डॉ रेनू यादव की क्लीनिक पर उसका भाई प्रसव को ले गया, जहां से रेनू यादव के द्वारा हालत गंभीर बताते हुए महिला के ऑपरेशन हेतु मड़ियाहूं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित निजी अस्पताल राजन हॉस्पिटल ले आई ।
परिजनों के अनुसार घटना के बारे में बताया जाता है कि डॉ रेनू यादव के कहने पर और उनके ही द्वारा स्वयं ले जाकर सरकारी अस्पताल के बगल में निजी हॉस्पिटल राजन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां पर मड़ियाहूं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एक चिकित्सक द्वारा प्रसव पीड़िता का ऑपरेशन लगभग 1:00 बजे  निजी अस्पताल, राजन हॉस्पिटल में किया गया। जहां बच्चे को तो स्वस्थ बचा लिया गया तथा ऑपरेशन के बाद महिला का रक्त स्राव नहीं बंद हो सका । तब डॉक्टर दीपक कुमार व निजी अस्पताल में उपस्थित अन्य डाक्टरों द्वारा परिजनों को यह बता कर हॉस्पिटल से भेज दिया गया कि खून की कमी है जाओ खून का इंतजाम करो ।परिजन खून लेने हेतु जिला मुख्यालय पर गए । परिजनों के हटते ही डॉक्टर आस्था हॉस्पिटल के एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉ दीप्त कुमार व अन्य डाक्टरों द्वारा बिना परिजनों को सूचना दिए पीड़िता को हालत गंभीर होने के कारण दूसरे हॉस्पिटल जौनपुर ले जाया गया ।जब परिजन पीड़िता का ब्लड ग्रुप जानने के लिए डॉक्टर को बार-बार फोन करने लगा तो डॉक्टर द्वारा यह बताया गया कि हालत गंभीर होने की वजह से उसे जौनपुर किसी निजी अस्पताल ले जाया गया हैं।फिर कुछ देर बाद परिजनों को यह सूचना दी गई कि पीड़िता ललिता की तबीयत अत्यधिक खराब होने के कारण उसे वाराणसी अनंत निजी हॉस्पिटल वाराणसी ले जा रहे हैं। पीड़ित का भाई आनन-फानन में वाराणसी अनंत हॉस्पिटल पहुंचा तो वहां पर हॉस्पिटल के बाहर कोई डॉक्टर नहीं दिखाई दिया तो वह डॉक्टरों को फोन करने लगा लेकिन कोई भी डॉक्टर उसका फोन नहीं उठा रहा था और ना ही कोई स्पष्ट जवाब दे रहा था। जिससे वह हैरान व परेशान था। तब उसे आस्था हॉस्पिटल मड़ियाहूं जौनपुर का एंबुलेंस दिखाई दिया। एंबुलेंस के पास पहुंचा तो वहां पर एंबुलेंस तो खड़ी थी ना तो कोई उसका चालक दिखा और ना ही कोई डॉक्टर जब उसने एंबुलेंस का गेट खोला तो अपनी बहन को मृत अवस्था में देखा तब वह शोर मचाने लगा और अन्य परिजन भी शोर मचाने लगे ।तब अस्पताल के दूसरे चिकित्सक आए और यह बताएं कि महिला मृत हो चुकी है और एंबुलेंस का चालक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ियाहूं में कार्यरत चिकित्सक दीप्त कुमार तथा अन्य डॉक्टर वहां से इस महिला को छोड़कर भाग चुके थे 
अनंत हॉस्पिटल वाराणसी के चिकित्सकों ने बताया कि जब इस महिला को मेरे यहां लेकर आए थे तभी अत्यधिक रक्त स्राव के कारण महिला की मृत्यु हो चुकी थी ।जिससे पश्चात परिजन किसी दूसरे चालक के माध्यम से एंबुलेंस को लेकर मड़ियाहूं राजन हॉस्पिटल लेकर आए जहां पर हॉस्पिटल में ताला लटका हुआ था । हॉस्पिटल का जो बोर्ड था वह भी हटा दिया गया था। सूचना मिलने पर अगल-बगल व मृत महिला के ससुराल के लोग मौके पर पहुंचकर हड़कंप मचाने लगे। सूचना पर कोतवाली मड़ियाहूं से प्रभारी निरीक्षक सहित अन्य आरक्षी गण मौके पर पहुंचे और महिला का शव कोतवाली मडियाहू ले आए और किसी प्रकार परिजनों को शांत करवाया। थाना प्रभारी ने कहा तहरीर दीजिए और नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाएगी। हलांकि समाचार जारी होने तक पुलिस के स्तर से आरोपी चिकित्सको के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी थी। 

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