भारतीय संविधान है दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान: राम किशुन वर्मा



अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने की जरूरत: हृदय प्रसाद सिंह 'रानू' 

जौनपुर। गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर में दिनांक 26 जनवरी को 75वाँ गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।गांधी स्मारक संकुल के डीपीएड परिसर मुख्य अतिथि राम किशुन वर्मा, वरिष्ठ सदस्य प्रबन्ध समिति, ने झंडा फहराया।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि वर्मा ने उपस्थित समस्त छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों को आजादी के आंदोलन में राष्ट्र नायकों द्वारा दिए गए बलिदान को याद करते हुए भारतीय संविधान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान बताया।अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रबंधक हृदय प्रसाद सिंह 'रानू' ने आह्वान किया कि राष्ट्र निर्माण के लिए हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी विशेष रूप से सजग रहने की आवश्यकता है। तत्पश्चात महाविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। बीए द्वितीय वर्ष की छात्राओं स्मृति दुबे और आयुषी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। बीए प्रथम वर्ष की छात्रा शिक्षा यादव ने गणतंत्र दिवस पर व्याख्यान दिया । बी.एड. के छात्राध्यापक प्रह्लाद मौर्य ने भारतवर्ष के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशेषताओं पर विस्तार से  प्रकाश डाला।अन्य  छात्र-छात्राओं ने भी देशभक्ति गीत, भक्ति गीत तथा गणतंत्र दिवस आदि विषयों पर व्याख्यान दिया।
राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरविंद कुमार सिंह ने राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए भारत की स्वतंत्रता और संवैधानिक विकास के महत्वपूर्ण बिंदुओं को बताया तथा यह भी कहा कि मानवजनित विषमताओं का निषेध होना चाहिए।प्रोफेसर सिंह ने गणतंत्र शब्द की व्याख्या भी की । प्राचार्य प्रोफेसर रणजीत कुमार पांडेय  ने विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारत के सांस्कृतिक विरासत समृद्ध है । उन्होंने कहा कि इस दिन हर भारतीय अपने देश के सभी शहीदों के निःस्वार्थ बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने आज़ादी के संघर्ष में अपने जीवन बलिदान कर दिए और विदेशी पराधीनता से भारत को मुक्ति दिलाई।
प्रोफेसर राकेश कुमार यादव ने गणतंत्र दिवस के बारे में विद्यर्थियों को बताया कि संविधान क्यों 26 जनवरी को लागू हुआ।उन्होंने संविधान की प्रस्तावना तथा मूल अधिकारों  से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख किया।प्रोफेसर यादव ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि संविधान के अनुच्‍छेद 51 'क'  में वर्णित मौलिक कर्तव्‍यों को आत्मसात करें।
डॉ लालमणि प्रजापति ने गणतंत्र दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से विद्यार्थियों को बताया।
इस अवसर पर जितेंद्र सिंह, विष्णुकांत त्रिपाठी, विकास कुमार यादव, नीलम सिंह, कार्यलय अधीक्षक बिंद प्रताप सिंह, अखिलेश सिंह, डॉ सन्दीप कुमार सिंह, गंगा सिंह तथा बड़ी संख्या में छात्राध्यापिक- छात्राध्यापिकाएँ, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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