वरासत अभियान में 44914 वारिसों का नाम खतौनी में दर्ज, 4फरवरी को तहसील में लगेगा कैम्प


  जौनपुर । जनपद में 3442 राजस्व गांव में अविवादित मामलों में वरासत दर्ज करने का अभियान 15 नवंबर से 31 जनवरी तक चलाया गया। इस अभियान में 44914 लोगों के नाम मृतक काश्तकारों के स्थान पर अविवादित मामलो में  खतौनी में दर्ज किए गए।  कंप्यूटरीकृत खतौनी   निकालकर  विधायक,  सांसदजी, मंत्री  के द्वारा     ब्लॉक  स्तरीय  कार्यक्रम आयोजित कर  वितरण कराया गया। शेष बचे  लोगों को उनके घरों पर खतौनी का वितरण लेखपाल और कानून तहसीलदार व उप जिलाधिकारियों के द्वारा किया गया।
इस आशय की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी दिनेशकुमार सिंह ने बताया कि 16 अक्टूबर 2019 को मेरे द्वारा इस जनपद में कार्यभार ग्रहण किया गया था । तत्पश्चात शिकायतों को सुनने के दौरान कुछ लोगों ने इस प्रकार की शिकायतें की थी कि 15, से  20 सालों  पूर्व  मृत हुए लोगों के वारिसों   का नाम खतौनी में दर्ज नहीं हुए हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लिया गया और माननीय मुख्यमंत्री जी के जो निर्देश हैं कि गरीबों को कोई परेशानी ना हो उनके कार्य आसानी से हो उसको दृष्टिगत रखते हुए अविवादित मामलों में बारिसो का नाम दर्ज करने का अभियान  चलाया गया। डीएम ने कहा  मुझे खुशी है राजस्व विभाग के सभी कर्मचारियों ने अथक परिश्रम करके इसलिए ढाई माह में 44914 लोगों के नाम खतौनी में दर्ज कर दिए व खतौनी की प्रतियां उनके घरों पर वितरण करने का कार्य किया गया। इससे किसानों को  लाभ होगा। इन 44914 लोगों को किसान सम्मान निधि के अंतर्गत इनके फार्म भी भराने का कार्य प्रारंभ हो गया है जिससे कि इन 44914 नए किसानो को किसान सम्मान निधि का ₹6000 सालाना लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा। 
साथ ही साथ मृतक दुर्घटना बीमा योजना का ₹500000 का बीमा भी इनका हो गया है। कृषकों को विभिन्न योजनाओं में जो लाभ मिलते हैं जिनसे वह अभी तक वंचित थे लेकिन खतौनी में नाम दर्ज हो जाने से वह किसान की परिभाषा में आ गए जिस कारण वह  सभी लाभ भी इन 44914 लोगों को मिलना शुरू हो जाएगा ।यह बहुत ही उल्लेखनीय कार्य हुआ है।  4 फरवरी को तहसील दिवस के अवसर पर सभी तहसीलों में वरासत हेतु  कैंप लगाया जाएगा जो भी अभी भी बचे हुए हो वह अपना आवेदन दे सकते हैं जिससे की जांच उपरांत उनका नाम भी चढ़ा कर उनकी खतौनी  दी जा सके।

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