भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी को एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली यह सजा

 

एमपी-एमएलए कोर्ट ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में सांसद रीता बहुगुणा जोशी समेत पांच को दोषी करार दिया है। विशेष एसीजेएम अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने मामले में सभी दोषियों को छह माह की परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर रहने का आदेश देते हुए शुक्रवार को रिहा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपी परिवीक्षा पर अच्छा चालचलन बनाए रखने के लिए जिला परिवीक्षा अधिकारी के समक्ष 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें और इतनी ही धनराशि का व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करेंगे।
कोर्ट ने पांचों दोषियों रीता बहुगुणा जोशी, मनोज चौरसिया, राम सिंह, संजय यादव और प्रभा श्रीवास्तव को 30 दिन के भीतर जिला परिवीक्षा अधिकारी के सामने हाजिर होने का आदेश भी दिया। परिवीक्षा अवधि की गणना जिला परिवीक्षा अधिकारी के सामने उपस्थित होने के दिन से की जाएगी। यह भी कहा कि अगर उन्होंने शर्तों का उल्लंघन किया तो फिर से कोर्ट में तलब कर दंड के प्रश्न पर सुना जाएगा। इसके पहले सांसद रीता बहुगुणा समेत अन्य आरोपी कोर्ट में हाजिर हुए, जहां कोर्ट ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर उन्हें दोषी ठहराया और परिवीक्षा पर छोड़े जाने का आदेश दिया।
पत्रावली के अनुसार रीता बहुगुणा जोशी वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी थीं। स्टैटिक मजिस्ट्रेट मुकेश चतुर्वेदी की ओर से थाना कृष्णा नगर में 17 फरवरी 2012 को रिपोर्ट दर्ज में कहा गया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बजरंग नगर मोहल्ला में रीता बहुगुणा जोशी चुनाव प्रचार का समय समाप्त होने के बावजूद जनसभा कर रही हैं। मामले में पुलिस ने 17 जून 2012 को चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक आरोपी शकील अहमद की मौत हो गई। लिहाजा अन्य के खिलाफ सुनवाई हुई।

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