जानते है देश का अगला राष्ट्रपति कौन बन सकता है, इन मुस्लिम नेताओ का भी चर्चा में


देश के अन्दर अगले माह राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और देश को नया राष्ट्रपति मिल सकता है। यहां पर एक बड़ा सवाल है कि क्या इस बार का चुनाव सर्वसम्मति होगा? तो मौजूदा हालात को देखते हुए ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा है कि सर्वसम्मति के साथ राष्ट्रपति का चुनाव होगा। अभी तक ऐसा ही लग रहा है कि एनडीए और यूपीए अपना-अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेंगी. खैर इस सबके अलावा सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि देश के इस सबसे बड़े पद के लिए किसको उम्मीदवार बनाया जा सकता है. 
हालांकि एनडीए ने जब भी राष्ट्रपति या फिर उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार का ऐलान किया तो सभी हैरान रह जाते हैं। क्योंकि सियासी जानकार फिर मीडिया में चल रही खबरों को आधार माने तो जिन नेताओं का नाम आगे चल रहा होता है वो इस रेस में दूर तक भी दिखाई नहीं देते है और केंद्र सरकार मास्टरस्ट्रोक खेलते हुए एक नया ही नाम लोगों के सामने पेश कर देती है. साल 2017 में एनडीए ने रामनाथ कोविंद का नाम पेश कर सभी को हैरत में डाल दिया था. इसके अलावा उपराष्ट्रपति के लिए वेकैंया नायडु का नाम सामना लाकर एक बार फिर चौका दिया था।
भाजपा ने जब भी उम्मीदवारों का ऐलान किया है तो हर बार उसने जातियों को साधने की कोशिश की है और हालात को देखते हुए मास्टर स्ट्रोक खेला है. इस बार की बात करें तो देशभर में धार्मिक बवाल मचा हुआ है और दुनिया-भर में हिंदुस्तानी मुसलमानों को लेकर भाजपा की थोड़ी सी किरकिरी हुई है. ऐसे में भाजपा किसी मुस्लिम नेता को इस बार राष्ट्रपति उम्मीदवार बना सकती है. 
मुस्लिम उम्मीदवारों में राष्ट्रपति पद के लिए सबसे पहला नाम आरिफ मोहम्मद खान का चर्चा में है। मीडिया और सोशल मीडिया पर आरिफ मोहम्मद के नाम की खूब चर्चा चल रही है. आरिफ मोहम्मद इस समय केरल के गवर्नर हैं। और उन्हें प्रोग्रेसिव मुस्लिम नेताओं में शुमार किया जाता है. ऐसे में भाजपा देश और दुनियां में मुसलमानों को बड़ा पैगाम देने के लिए आरिफ मोहम्मद का नाम पेश कर सकती है।
वहीं अगर दूसरे नाम की बात करें तो मुख्तार अब्बास नकवी को लेकर कयास लगाए जाए रहे हैं. उसके कारण की बात करें तो नकवी जुलाई महीने में राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं. जिसके बाद उनके हाथों से मंत्रालय भी चला जाएगा. रामपुर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनावों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे का भारतीय जनता पार्टी उनको अपने उम्मीदवार के तौर पर रामपुर सीट से उतार सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके अलावा हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में भी नकवी को नाम नहीं दिया गया. मुख्तार अब्बास नकवी भाजपा के पुराने और प्रोग्रेसिव मुस्लिम नेता हैं। ऐसे में कुछ एक लोगों का यह भी कहना है कि भाजाप उनके नाम का भी ऐलान कर सकती है. 

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